राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने से मना करने वाले गुजरात हाई कोर्ट के जज का ट्रांसफर
राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने से मना करने वाले गुजरात हाई कोर्ट के जज का ट्रांसफर
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट के 4 जजों के तबादले की सिफारिश की, जिसमें वह जज भी शामिल हैं, जिन्होंने राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
गुजरात हाई कोर्ट के जज जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक (justice Hemant M Prachchhak) का सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने पटना हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया है। जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक, वही जज हैं, जिन्होंने मोदी सरनेम मामले पर राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। जस्टिस प्रच्छक ने सूरत की निचली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट के चार न्यायाधीशों को अन्य हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की सिफारिश की है। इस सिफारिश में जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक के अलावा न्यायमूर्ति समीर दवे भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में कथित दंगों के मामले में साक्ष्य गढ़ने पर एफआईआर को रद्द करने के लिए तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
इस लिस्ट में एक अन्य जज न्यायमूर्ति गीता गोपी भी हैं, जिन्होंने राहुल गांधी की दोषसिद्धि को निलंबित करने की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
कौन हैं जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक
जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक गुजरात के पोरबंदर के रहने वाले हैं। जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक 18 अक्टूबर 2021 में गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस बने थे। जस्टिस हेमंत एम प्रच्छक ने 2015 से लेकर 2019 तक केंद्र सरकार के स्थाई वकील के तौर पर काम किया है। इसके बाद ही उन्हें प्रमोट कर गुजरात हाईकोर्ट का जस्टिस बनाया गया था। मोदी सरनेम मामले को लेकर वह चर्चाओं में आए थे।












Click it and Unblock the Notifications