सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, जम्मू कश्मीर में आखिर कब तक पाबंदियां जारी रखेंगे
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से पूछा है कि आखिर कब तक उसका जम्मू कश्मीर में पाबंदियां जारी रखने का इरादा है। 5 अगस्त को आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी करने के बाद जम्मू कश्मीर में लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की सरकार ये सवाल किया है। कोर्ट इस मामले पर 5 नवंबर को फिर से सुनवाई करेगा।
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सु्प्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान केंद्र से पूछा, कब तक आप यह प्रतिबंध लागू रखेंगे? दो महीने से ज्यादा बीत चुके हैं। हमें एक निश्चित समय दें और कोई दूसरा विकल्प भी तलाशें। अदालत ने कहा कि कई बार पाबंदियां भी लगानी होती है लेकिन प्रतिबंधों को वक्त-वक्त पर रिव्यू भी किया जाना चाहिए।
जस्टिस एनवी रमन्ना ने वक्त-वक्त पर पाबंदियों पर रिव्यू की बात कही तो इस पर केंद्र सरकार की तरफ से पेश सलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जो पाबंदियां लगी हैं उनका रोजाना रिव्यू किया जाता है। तुषार मेहता ने कहा कि बहुत कम इलाके अब ऐसे हैं, जहां पाबंदियां हैं। ज्यादातर इलाकों, करीब 99 फीसदी क्षेत्र में कोई पाबंदी नहीं है।
सुनवाई कर रही पीठ ने राज्य में इंटरनेट पर लागू प्रतिबंध के बारे में भी सवाल किया। इस पर सॉलिसीटर जनरल ने अदालत को बताया कि इंटरनेट पर प्रतिबंध है और ये इसलिए जारी रखा गया है क्योंकि सीमा-पार से इसके दुरुपयोग की आशंका बहुत ज्यादा है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को खत्म करते हुए सूबे को दो हिस्सों में बांट दिया था। 5 अगस्त से ही केंद्र ने जम्मू कश्मीर में भारी पाबंदियां लगाई थीं। संचार के साधनों को बंद कर दिया था और नेट भी रोक दिया गया था। वहीं ज्यादातर नेता भी नजरबंद कर लिए गए थे। पाबंदियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं।












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