Sujata Chaturvedi UPSC Member: कौन हैं सुजाता चतुर्वेदी जिनको रिटायरमेंट के समय मिली बड़ी जिम्मेदारी
Sujata Chaturvedi: भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और वर्तमान केंद्रीय खेल सचिव सुजाता चतुर्वेदी को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का सदस्य नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 316(1) के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा की गई है और यह देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सुजाता चतुर्वेदी की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति में केवल दो महीने शेष हैं। वह 30 जून, 2025 को सेवानिवृत्त होंगी। यह नई भूमिका न केवल उनके लंबे और सफल प्रशासनिक करियर का प्रतीक है, बल्कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को मान्यता देने वाला निर्णय भी है।

Sujata Chaturvedi: कौन हैं सुजाता चतुर्वेदी?
1989 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी सुश्री चतुर्वेदी बिहार कैडर से हैं। तीन दशकों से अधिक समय तक चली उनकी सेवा में उन्होंने केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में वह केंद्रीय खेल मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं, जहाँ उन्होंने भारत में खेलों की प्रगति को नई दिशा देने के लिए कई नीतिगत पहलें की हैं।
इससे पूर्व, वह कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में अतिरिक्त सचिव (स्थापना) के रूप में कार्य कर चुकी हैं। इस भूमिका में उन्होंने सिविल सेवा प्रबंधन और नियुक्तियों के मामलों में केंद्रीय भूमिका निभाई। उनके अनुभव में बिहार राज्य सरकार में प्रधान सचिव (वित्त) जैसे महत्वपूर्ण पद भी शामिल हैं, जहाँ उन्होंने राज्य की वित्तीय नीतियों को दिशा दी। साथ ही, वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) में उप महानिदेशक के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
Sujata Chaturvedi: कैसे होता है यूपीएससी सदस्यों की नियुक्ति?
सुजाता चतुर्वेदी की नियुक्ती के बाद सवाल ये है कि यूपीएससी सदस्यों की नियुक्ति कैसे होती है। इस पर संविधान का अनुच्छेद 316(2) के अनुसार, सुजाता चतुर्वेदी का कार्यकाल यूपीएससी सदस्य के रूप में उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक होगा।
इस पद पर उनकी सेवा शर्तें 'यूपीएससी (सदस्य) विनियम, 1969' के तहत निर्धारित होंगी, जिनमें समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं। यूपीएससी, जो भारतीय प्रशासनिक प्रणाली का एक स्तंभ माना जाता है, देशभर में केंद्र सरकार के अधीन विभिन्न सेवाओं और पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का संचालन करता है।
आयोग का नेतृत्व एक अध्यक्ष करता है और इसमें अधिकतम 10 सदस्य हो सकते हैं। एक सदस्य के रूप में चतुर्वेदी की नियुक्ति न केवल आयोग की विशेषज्ञता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आयोग को प्रशासनिक दृष्टिकोण से और अधिक दक्ष बनाएगी।
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