Sudershan Reddy Vs Radhakrishnan: VC चुनाव 2025 में विपक्ष का नॉन-पॉलिटिकल फेस कितना दमदार? वोटों का गणित समझे
B Sudershan Reddy Vs CP Radhakrishnan: उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 अब एक वैचारिक और सियासी जंग का मैदान बन चुका है। NDA ने तमिलनाडु के बीजेपी दिग्गज और महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन (OBC गौंडर) को अपना उम्मीदवार बनाया, तो INDIA ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को चुनकर गैर-राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेला।
18 अगस्त 2025 को मल्लिकार्जुन खरगे की बैठक में रेड्डी के नाम पर मुहर लगी, और 19 अगस्त को इसे आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया। 9 सितंबर को होने वाली वोटिंग से पहले यह मुकाबला तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की 2026 की सियासत को प्रभावित करने वाला है। आइए, डिजिटल ऑडियंस के वोटों के गणित और 2026 के नजरिए को समझते हैं...

बी. सुदर्शन रेड्डी: संविधान का रक्षक
79 साल के रेड्डी तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के एक किसान परिवार से हैं। उस्मानिया विश्वविद्यालय से BA और LLB। 1971 में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में वकील के रूप में शुरूआत।
कानूनी करियर:
- 1988-90: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में सरकारी वकील।
- 1993-95: आंध्र हाई कोर्ट में अतिरिक्त और स्थायी जज।
- 2005: गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश।
- 2007-11: सुप्रीम कोर्ट जज।
- 2013: गोवा के पहले लोकायुक्त (निजी कारणों से इस्तीफा)।
सीपी राधाकृष्णन: RSS का तमिल चेहरा
68 साल के राधाकृष्णन तमिलनाडु के गौंडर (OBC) समुदाय से हैं। कोयंबटूर से दो बार सांसद (1998, 1999), तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष, और झारखंड-महाराष्ट्र के गवर्नर।
NDA की रणनीति: राधाकृष्णन की RSS पृष्ठभूमि (16 साल की उम्र से) 2024 के बाद RSS-बीजेपी मतभेदों को पाटती है। गौंडर समुदाय (18% आबादी) और AIADMK गठजोड़ के जरिए 2026 में बीजेपी की पैठ बढ़ाना। OBC चेहरा उत्तर भारत में समावेशी हिंदुत्व को मजबूत करता है।
Sudershan Reddy Vs Radhakrishnan: वोटों का गणित- किसे कितना नफा और नुकसान?
इलेक्टोरल कॉलेज: कुल 788 सांसद (लोकसभा: 543, राज्यसभा: 233 निर्वाचित + 12 मनोनीत)। 6 सीटें खाली (लोकसभा: 1, राज्यसभा: 5)। प्रभावी संख्या: 782। बहुमत के लिए: 391 वोट।
NDA की चाल-(लोकसभा: 293, राज्यसभा: 132, कुल: 425):
- लोकसभा (293): बीजेपी (240), TDP (16), JD(U) (12), SHS (7), LJP(RV) (5), JD(S) (2), JSP (2), RLD (2), AD(S) (1), AGP (1), AJSU (1), HAM(S) (1), NCP (1), SKM (1), UPPL (1)।
- राज्यसभा (132): बीजेपी (102), AIADMK (4), JD(U) (4), NCP (3), TDP (2), AGP (1), JD(S) (1), NPP (1), RLD (1), RLM (1), RPI(A) (1), SHS (1), TMC(M) (1), UPPL (1), IND (1), NOM (7)।
- अतिरिक्त समर्थन: YSRCP (4 लोकसभा, 7 राज्यसभा), PMK (1), और 20-30 गैर-गठबंधन सांसद।
- अनुमानित वोट: 430-450 (YSRCP और निर्दलीयों के साथ)।
INDIA ब्लॉक का दांव- (लोकसभा: 234, राज्यसभा: 77, कुल: 311):
- लोकसभा (234): INC (99), SP (37), AITC (28), DMK (22), SS(UBT) (9), NCP-SP (8), CPI(M) (4), RJD (4), IUML (3), JMM (3), CPI (2), CPI(ML)L (2), JKNC (2), VCK (2), BAP (1), KEC (1), MDMK (1), RLP (1), RSP (1), VPP (1), IND (3), अन्य (15)।
- राज्यसभा (77): INC (27), AITC (13), DMK (10), RJD (5), CPI(M) (4), SP (4), CPI (2), IUML (2), JMM (2), NCP-SP (2), SS(UBT) (2), AGM (1), KC(M) (1), MNM (1), IND (1)।
- अतिरिक्त समर्थन: AAP (9 राज्यसभा, 3 लोकसभा), और 10-20 गैर-गठबंधन सांसद।
- अनुमानित वोट: 330-350।
- स्वतंत्र या NDA के समर्थन में: BJD (7 राज्यसभा)!
- निर्णायक वोट: 50-60 गैर-गठबंधन सांसद, जिनमें YSRCP और BJD अहम हैं।
संभावित नतीजें- किसके पक्ष में?
- NDA के पास 425+ वोट हैं, जो बहुमत (391) से 34-59 ज्यादा है। YSRCP और निर्दलीयों का समर्थन राधाकृष्णन की जीत को पक्का करता है।
- INDIA ब्लॉक के 311-350 वोट बहुमत से 41-80 कम हैं। रेड्डी की गैर-राजनीतिक छवि क्रॉस-वोटिंग (10-20 वोट) करा सकती है, लेकिन जीत मुश्किल है। रेड्डी का तेलंगाना कनेक्शन YSRCP (11) और BRS (4) को प्रभावित कर सकता है, लेकिन TDP (18) और AIADMK (4) NDA के साथ मजबूती से हैं।
2026 में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल: रेड्डी का प्रभाव
तमिलनाडु (2026 विधानसभा चुनाव):
- सीमित प्रभाव: रेड्डी तेलंगाना से हैं, इसलिए तमिलनाडु में उनकी उम्मीदवारी DMK की 'तमिल चेहरा' मांग को पूरा नहीं करती। DMK नेता टीकेएस एलंगोवन ने राधाकृष्णन को 'चुनावी चाल' बताया, लेकिन रेड्डी का चयन तमिल अस्मिता को कमजोर कर सकता है। रेड्डी की उम्मीदवारी DMK को वैचारिक ताकत देगी, लेकिन तमिलनाडु में इसका सीधा प्रभाव सीमित रहेगा।
- DMK की रणनीति: DMK अब 2026 में द्रविड़ गौरव और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर देगी। रेड्डी की संवैधानिक छवि तमिल युवाओं को NEET जैसे मुद्दों पर आकर्षित कर सकती है।
- NDA का फायदा: राधाकृष्णन की जीत गौंडर समुदाय (18% आबादी) और AIADMK गठजोड़ को मजबूत करेगी। बीजेपी का 2019 में तमिलनाडु में 18.31% वोट शेयर 2026 में बढ़ सकता है।
पश्चिम बंगाल (2026 विधानसभा चुनाव) का क्या?
- TMC की एकजुटता: TMC ने 2022 में मार्गरेट अल्वा का समर्थन नहीं किया, क्योंकि वह गैर-राजनीतिक चेहरा चाहती थी। रेड्डी का चयन TMC की मांग को पूरा करता है, जिससे INDIA ब्लॉक में एकता बढ़ेगी।
- ममता का लाभ: ममता बनर्जी की 'लॉयल फीमेल वोटर' रणनीति (वेलफेयर स्कीम्स पर आधारित) को रेड्डी की सामाजिक न्याय की छवि मजबूती देगी।
- प्रभाव: रेड्डी की उम्मीदवारी TMC को बंगाल में बीजेपी के खिलाफ वैचारिक बढ़त देगी, खासकर महिलाओं और हाशिए के समुदायों में।
सुदर्शन रेड्डी vs राधाकृष्णन: NDA या INDIA ब्लॉक की जीत?
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में INDIA ब्लॉक ने पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को चुनकर NDA के सीपी राधाकृष्णन को कड़ी चुनौती दी। रेड्डी की संवैधानिक छवि विपक्ष को वैचारिक ताकत देती है, लेकिन NDA के 310-330 वोटों के मुकाबले INDIA के 250-270 वोट जीत मुश्किल बनाते हैं। तमिलनाडु में DMK को सीमित फायदा, लेकिन बंगाल में TMC की एकता मजबूत होगी। 9 सितंबर की वोटिंग तय करेगी कि 2026 की सियासत का रंग कौन सा होगा? X पर इसे 'विपक्ष का गेम-चेंजर' कहा जा रहा है!
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