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मोदी सरकार का ऐसा मोबाइल ऐप जो आपके लिए बनेगा कोरोना कवच, जानिए खासियत

बेंगलुरु। भारत में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक कुल 724 कोरोना पॉजटिव पाए गए हैं जिनमें 17 की मौत हो चुकी है और 67 मरीज स्‍वस्‍थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देशभर में लॉकडाउन लगा है। देश इस महामारी से निकलने के लिए जूझ रहा है। लोग घरों में बंद हैं।

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    कोरोना के चलते 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो इसलिए मोदी सरकार लगातार एक के बाद एक कदम उठा रही हैं। कोरोना के मरीजों के इलाज से लेकर हर नागरिक इस संकट की घड़ी में स्‍वथ्‍स्‍थ और कोरोना से सुरक्षित रहे इसी प्रयास में जुटी हुई है।

    कोरोना संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार कर रही ये प्रयास

    कोरोना संकट से निपटने के लिए मोदी सरकार कर रही ये प्रयास

    अब जबकि कोरोना के चलते दुनियाभर में हर दिन मौत के केस बढ़ते जा रहे और लाखों की संख्‍या में लोग कोरोना वायरस के शिकार होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं ऐसे में मोदी सरकार एक और कदम उठा रही है ताकि भारत में इस महामारी को और फैलने से रोका जाए।

    मोबाइल पर चल पाएगा इसका पता

    मोबाइल पर चल पाएगा इसका पता

    बता दें कोराना वायरस कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने से फैलता तो है ही साथ ही चूंकि ये वायरस कुछ घंटों तक वातावरण में जीवित रहता है इस कारण संक्रमण फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में अगर हमें अपने मोबाइल पर ही पता चल जाए कि वो कोरोना पॉजटिव मरीज के संपर्क आए हैं या नहीं तो हम और संतर्क हो सकते हैं।

    ये ऐप करेगा आपकी मदद

    ये ऐप करेगा आपकी मदद

    जी हां भारत सरकार जल्द ही एक ऐसा मोबाइल ऐप लांच करने जा रही है जो कोरोना की रोकथाम में अहम टूल साबित होगा। सरकार का मकसद है कि स्मार्टफोन ऐप लॉन्च करके यूजर्स की मदद हो सके और वे यह जान सकें कि क्या वे कोरोना से संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए हैं या नहीं।

    एप को कोरोना कवक दिया गया है नाम

    एप को कोरोना कवक दिया गया है नाम

    बता दें मोदी सरकार ने इस मोबाइल एप्लीकेशन का नाम 'कोरोना कवच' दिया हैं। जो आपके लिए एक कवक की तरह होगा। जिससे आप ये पता कर सकेंगे कि आप किसी कोरोना पेसन्‍ट के संपर्क में आए हैं या नही। ये वाकई में देश के हर नागरिक को लिए ये कवक ही होगा।

    जल्‍द ही किया जाएगा जारी

    जल्‍द ही किया जाएगा जारी

    मालूम हो कि कोरोना कवक नाम ये एप्लीकेशन मोबाइल के एंड्रायड वर्जन के स्मार्ट फोन लिए तैयार हो चुका है लेकिन एपल यूजर्स के लिए इस पर अभी काम किया जा रहा है। इस एप्लीकेशन को मिनिस्ट्री ऑफ इलैक्ट्रोनिक्स और नीति आयोग की तरफ से तैयार किया जा रहा है और जल्द ही जारी किया जाएगा और आप अपने मोबाइल पर इस एप को डा‍उनलोड करके के पता लगाकर निश्चिंत हो सकेगे।

    ये एप ऐसे करेगा मॉनी‍टर

    ये एप ऐसे करेगा मॉनी‍टर

    आपके जेहन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये काम कैसे करेगा? दरअसल ये एप स्‍टेज 2 में यूजर्स के लोकेशन पर लगातार नजर रखेगा जिससे कम्युनिटी ट्रांसमिशन को चेक कर कोरोना वायरस के रोकने का प्रयास किया जा सकता है। यह यूजरों को यह जांचने में मदद करेगा कि क्या वे उन लोगों के रास्‍ते से गुजरे हैं जिन्‍हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। अगर आपको इस एप के द्वारा ये कनफर्म हो जाता है कि आप भी उस एरिया में गए हैं तो आप एटर्ल होकर इससे संबंधित टेस्‍ट करवा कर संक्रमण के अटैल के पहले ही सतर्क हो जाऐगे ।

    पर्सनल जानकारी नहीं की जाएगी सार्वजनिक

    पर्सनल जानकारी नहीं की जाएगी सार्वजनिक

    सरकार ने सभी कोरोना पॉजिटिव के डेटा तैयार किया है, ऐसे इस एप से अगर को क्वरंटाइन का उल्लंघन कर कोई पॉजिटिव या संदिग्ध भागता है तो सरकार एजेंसियों को मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह एप पॉजिटिव केस या संदिग्ध की व्यक्तिगत पहचान को उजागर नहीं करेगा।

     ये कोड बताएगा कि आप सुर‍क्षित है या नहीं

    ये कोड बताएगा कि आप सुर‍क्षित है या नहीं

    इस एप में तीन कोड हैं जो - हरा, पीला और लाल है। इसमें हरे कोड का मतलब है कि आप पूरी तरह सुरक्षित हैं। पीले कोड का मतलब है कि आप किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए हैं। वहीं लाल कोड का मतलब है कि आप कोरोना संक्रमति हो चुके हैं।

    हिंदी, अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा तैयार

    हिंदी, अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में किया जाएगा तैयार

    इतना ही नहीं भारतीयों की मदद करने के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में सार्क के सदस्य देशों को हाल में यह वायरस ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर ऑफर किया है, जिनमें भारत के साथ उसके पड़ोसी पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, भूटान, नेपाल, मालदीव और बांग्लादेश शामिल हैं। ऐसा प्रयास है कि यह एप हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा कई क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार किया जाए।

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