अर्थशास्त्रियों को डराने के बजाय कड़वी सच्चाई सुनने की आदत डालें पीएम, बोले बीजेपी सांसद

नई दिल्ली। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुझाव दिया है कि वह कड़वी सच्चाई को सुनने का धैर्य अपने अंदर लाएं। स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री को नाखुश करने वाली सच्चाई को सुनने की आदत डालनी चाहिए नाकि अपनी सरकार के अर्थशास्त्रियों को डराना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री देश की अर्थव्यवस्था को संकट से बाहर लाना चाहते हैं तो उन्हें ऐसे सच को सुनने का धैर्य रखना चाहिए जोकि उन्हें खुश करने वाला ना हो।

पीएम को लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए

पीएम को लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए

स्वामी ने कहा कि जिस तरह से मोदी सरकार को चला रहे हैं, ऐसी हालात में मुश्किल से ही कोई सरकार के खिलाफ बात कर सकता है। पीएम को ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए जोकि कह सके कि नहीं इस तरह से यह काम नहीं हो सकता है। लेकिन मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री के भीतर अभी तक यह प्रवृत्ति नहीं आ सकी है। सुब्रमण्यम स्वामी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मोदी सरकार का विकास दर पिछले छह वर्षों के सबसे निचले स्तर पर चला गया है, सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि वह इस संकट से बाहर निकल सके।

जल्दबाजी में लाया गया जीएसटी

जल्दबाजी में लाया गया जीएसटी

सरकार की ओर से देश की अर्थव्यवस्था को संकट से बाहर लेने के लिए कई गैर पारंपरिक तरीकों को अपनाया गया है। स्वामी ने कहा कि जिस तरह से आरबीआई और वित्त मंत्रालय काम कर रहे हैं वह सही नहीं है और इन लोगों ने संकट से निपटने की सही से तैयारी नहीं की है। जिस तरह से जल्दबाजी में जीएसटी को लाया गया, वह मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बेहतर विकास दर के लिए किन नीतियों की जरूरत होती है सरकार उसे समझ नहीं पाई।

अलग-अलग होनी चाहिए नीति

अलग-अलग होनी चाहिए नीति

स्वामी ने कहा कि आज के समय में हमे अर्थव्यवस्था के लिए ऐसी नीति चाहिए जो छोटे कार्यकाल के लिए हो, मध्य काल के लिए और लंबे समय के लिए अलग-अलग हो। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मुझे डर है कि सरकार ने जिन अर्थशास्त्रियों को चुना है वह प्रधानमंत्री से सच बोलने से डरते हैं, जबकि प्रधानमंत्री खुद सिर्फ माइक्रो प्रोजेक्ट पर ध्यान दे रहे हैं। स्वामी ने यह बयान एक किताब के लॉन्च के मौके पर दिया है। उन्होंने कहा कि पीएम माइक्रो इकोनॉमिक मुद्दे जैसे उज्जवला स्कीम पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि अर्थव्यवस्था में अहम बात होती है कि उसे बृहद स्तर पर देखा जाए।

नरसिम्हाराव को मिलना चाहिए भारत रत्न

नरसिम्हाराव को मिलना चाहिए भारत रत्न

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बारे में स्वामी ने कहा कि वह बतौर प्रधानमंत्री बड़े सुधार नहीं कर सके, जिस तरह से उन्होंने बतौर वित्त मंत्री किए थे, इसकी बड़ी वजह थी कि उस समय में पीवी नरसिम्हाराव प्रधानमंत्री थे। राव को 95 फीसदी क्रेडिट 1991 में आर्थिक सुधार का मिलना चाहिए। स्वामी ने कहा कि पीवी नरसिम्हाराव को अगले गणतंत्र दिवस पर भारत रत्न का सम्मान दिया जाना चाहिए। पी चिदंबरम के मुद्दे पर स्वामी ने कहा कि मैं उन्हें वित्त मंत्री के तौर पर नहीं जानता हूं, वह हारवर्ड बिजनेस स्कूल में फेल हो गए थे।

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