Street Dogs की हुई मौज, इस शहर में इन्हें दिन में दो बार परोसा जाएगा 'चिकन राइस', सरकार पर कितना आएगा खर्च?
Bengaluru Street Dog: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू के स्ट्रीट डॉग की मौज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर, बेंगलुरु के स्ट्रीट डॉग को रहने और खाने की जबरदस्त व्यवस्था की जा रही है। बेंगलुरू के आवारा कुत्तों को ना केवल छत मिलेगी बल्कि उन्हें दिन में दो बार लज़ीज चिकन और राइस परोसा जाएगा।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के अहम आदेश के बाद यह महत्वपूर्ण पहल ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) द्वारा की जा रही है। इसके तहत बेंगलुरू के 2,206 आवारा कुत्तों को अब विशेष शेल्टरों में शिफ्ट किया जाएगा। इन्हें दिन में दो बार 'चिकन राइस' खाने में परोसा जाएगा।

सेल्टर में क्यों किया जा रहा शिफ्ट?
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) द्वारा यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का पालन है, जिसमें भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज आदि से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टरों में शिफ्ट करने को कहा गया था। साथ ही, परिसरों को कुत्तों के काटने से बचाने के लिए बाड़ लगाने का निर्देश भी है।
स्ट्रीट डॉग पर 1 दिन में कितना खर्च करेगी सरकार?
एशियानेट वेबसाइट की खबर के अनुसार पहले BBMP की केवल एक बार चिकन राइस देने की योजना विरोध के कारण ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब GBA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाते हुए, इन कुत्तों को दिन में दो बार चिकन राइस देगी। कर्नाटक सरकार बेंगलुरू के स्ट्रीट डॉग के खाने पर प्रति कुत्ता ₹50 का दैनिक खर्च करेगी।
बढ़ गई है कीमत
'चिकन राइस' की लागत छह महीने में ₹2.58 बढ़ी है। BBMP के दौरान (17 जून तक) यह ₹22.42 थी, जो रॉ मटीरियल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब ₹25 प्रति प्लेट तय हुई है। पुरानी रेसिपी से 50 ग्राम चावल बढ़ा और 50 ग्राम चिकन कम हुआ है, फिर भी दाम बढ़ गए हैं।
स्ट्रीट-डॉग पर हर महीने कितना खर्च करेगी कर्नाटक सरकार
एशियानेट वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार कमिश्नर राजेंद्र चोलन की अध्यक्षता में बनी समिति ने आवारा कुत्तों के रखरखाव का खर्च प्रतिमाह प्रति कुत्ता ₹3035 तय किया है, जिसमें भोजन, स्टाफ वेतन, दवाएं, सफाई और प्रशासनिक मदें शामिल हैं।
पहले महीने में पकड़ने, ट्रांसपोर्ट और टीकाकरण पर ₹300 अतिरिक्त लगेंगे। शहरी विकास के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने टेंडर द्वारा स्वयंसेवी संस्थाओं को शेल्टर रखरखाव का अनुबंध देने का निर्देश दिया है।
बेंगलुरू शहर में हैं 2,206 आवारा कुत्ते
शहर में अब तक 2,206 आवारा कुत्ते चिह्नित किए गए हैं। जिसमें बेंगलुरु नॉर्थ (1623), साउथ (131), सेंट्रल (222), वेस्ट (37) और ईस्ट (193) में हैं।
स्ट्रीट डॉग पर सालाना ₹8.03 करोड़ खर्च होंगे
इन कुत्तों के रखरखाव पर प्रतिमाह ₹66.95 लाख और सालाना ₹8.03 करोड़ खर्च होंगे। हालांकि, कुत्तों की संख्या बढ़ने पर यह खर्च भी बढ़ेगा, जिसे संबंधित नगर निगमों को वहन करना होगा।
बेंगलुरू में कहां-कहां हैं डॉग सेल्टर होम?
- बेंगलुरु नॉर्थ में अंबेडकर नगर
- बेंगलुरु साउथ में एस. बिंगीपुरा
- बेंगलुरु सेंट्रल में कैंटोनमेंट अस्पताल कैंपस
- बेंगलुरु वेस्ट में कोट्टीगेपाल्या की निराश्रित समिति
- बेंगलुरु ईस्ट में सादमंगला व वर्थुर में डॉग सेल्टर होम हैं।
एक शेल्टर होम में 100 कुत्तों पर कितना आता है खर्च?
एक शेल्टर होम के 100 आवारा कुत्तों का कुल मासिक खर्च ₹3,33,483 अनुमानित है। इसमें पकड़ना, ट्रांसपोर्ट और टीकाकरण पर एकमुश्त ₹30,000, भोजन पर ₹1,50,000 (दिन में दो बार), स्टाफ वेतन (एक पैरा-वेट, चार असिस्टेंट), दवाएं, सफाई और प्रशासनिक खर्च शामिल हैं।












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