तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, बंद पड़े स्टरलाइट प्लांट से होगा ऑक्सीजन का उत्पादन
चेन्नई, अप्रैल 26: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के.पलानीस्वामी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक ने तूतीकोरिन में वेदांता के स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को चार महीनों के लिए ऑक्सीजन बनाने की अनुमति देने पर सहमति बनाई। पर्यावरण प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते 2018 में वेदांत के स्वामित्व वाली स्टरलाइट कॉपर को बंद कर दिया गया था। अब सरकार इस प्लांट ने ऑक्सीजन सप्लाई करेगी।
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अधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा नियुक्त पैनल संयंत्र के कामकाज की निगरानी करेगा। हालांकि प्लांट में किसी भी तरह के तांबा उत्पादन की अनुमति नहीं होगी। राज्य सरकार ने इस फैसले की घोषणा आज एक सर्वदलीय बैठक के बाद की। बैठक में डीएमके चीफ एमके स्टालिन ने सुझाव दिया कि स्टरलाइट से तमिलनाडु को "मुफ्त में ऑक्सीजन प्रदान की जानी चाहिए। डीएमके ने संयंत्र के कामकाज की निगरानी पर भी जोर दिया।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले दिनों इस प्लांट को ऑक्सीजन निर्माण के लिए खोलने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से लोग मर रहे हैं तो ऐेसे में तमिलनाडु सरकार 2018 से बंद पड़ी वेदांता की स्टरलाइट इंडस्ट्री को अपने हाथ में लेकर कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिये ऑक्सीजन का उत्पादन क्यों नहीं करती? चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने साफ कहा था, हमारी दिलचस्पी वेदांता या ए, बी, सी के चलाने में नहीं है।हमारी दिलचस्पी ऑक्सीजन के उत्पादन में है।
पिछले साल प्लांट को फिर से खोलने की खनन दिग्गज वेदांत की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इससे पहले, मद्रास उच्च न्यायालय ने वेदांत को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। वहीं अब देश में कोरोना संक्रमण के बेहताशा आ रहे मामलों के देखते हुए सरकार ने ये अहम फैसला लिया है। जिससे राज्य के लोगों को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन दी जा सके। देश में आज भी तीन से अधिक कोरोना संक्रमण के मामले आए हैं।












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