दिल वालों की दिल्ली में घिनौना खेल, यहां हर रोज होते हैं 65 गर्भपात
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। राजधानी में गर्भपात कराने वाली महिलाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। हर साल इस आंकड़ें में इजाफा दर्ज हो रहा है। पिछले 6 सालों के सरकारी अस्पताओं में हुए गर्भपात के आंकड़ें डरावने हैं। इस दौरान 1,43,175 महिलाओं ने गर्भपात करवाया। यानी करीब रोज 65 गर्भपात कराए गए।
यह मालूम नहीं चल सका कि गर्भपात कराने वाली महिलाओं का संबंध किस आयु वर्ग से या किन परिवारों से। पर माना जा रहा है कि इनमें कालेज की छात्राएं भी हो सकती हैं काफी तादाद में।
औरतों की जान गई
यही नहीं, साल 2008-2014 के बीच गर्भपात कराए जाते वक्त 42 औरतों की जान भी चली गई। ये सारी जानकारियां मिली हैं एक आरटीआई के जवाब में। इस बाबत आरटीआई राजहंस बंसल ने दायर की थी।
चौंकाने वाले तथ्य जो निकल कर आये सामने-
- सरकारी अस्पताओं में गर्भपात कराना पूरी तरह से कानून के दायरे में है।
- साल 2008-09 के दौरान दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में 9,504 गर्भपात हुए।
- साल 2009-10 में सरकारी अस्पतालों में गर्भपात बढ़कर 20,696 तक जा पहुंचे।
- साल 2010-11 में 26,241 औरतों ने गर्भपात करवाया। इनमें पांच औरतों की मौत हुई।
- साल 2011-2012 में 27,487 औरतों ने गर्भपात करवाया। गर्भपात के दौरान 15 मौतें हुईं।
- साल 2012-13 में 30 हजार से ज्यादा औरतों ने गर्भपात करवाया।
- साल 2013-14 में इस आंकड़े में थोड़ी कमी दर्ज हुई यानी 28,869 औरतों ने गर्भपात करवाया।
क्या हो सकते हैं कारण
य़ह मालूम नहीं चल सका कि इतनी अधिक औरतें किस कारण की वजह से गर्भपात करवाती रहीं हैं। महिला एक्टिविस्ट बहन प्रीति तो कहती हैं इतने गर्भपात कराने के पीछे गर्भ में होने वाली कन्या ही मोटे तौर पर वजह होगी। वे कहती हैं कि समाज लड़की को अभी भी स्वीकार नहीं कर रहा। दूसरी ओर कई लोगों का कहना है कि हो सकता है अनवॉन्टेड प्रेगनेंसी भी इसका कारण हो सकती है।













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