पहलवानों के आरोपों पर पहली बार बोले खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, कहा- जो उचित कार्रवाई होगी वो करेंगे
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। भारत सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डब्ल्यूएफआई को नोटिस भेजकर 72 घंटे में जवाब मांगा है।

देश के दिग्गज पहलवानों का रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है। विनेश फोगाट और साक्षी मलिक समेत कई पहलवानों ने भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए हैं। इस मामले में खेल मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। भारत सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डब्ल्यूएफआई को नोटिस भेजकर 72 घंटे में जवाब मांगा है। साथ ही अनुराग ठाकुर ने कहा कि हम पहलवानों से बात करेंगे और उनकी बात सुनेंगे।
भारतीय रेसलिंग फेडरेशन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवानों की सरकार से आज बातचीत हुई। इसके बाद विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने कहा कि हमें संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली, केवल आश्वासन मिला है। हम तब तक प्रदर्शन नहीं छोड़ेंगे, जब तक कि महासंघ के प्रमुख को हटा नहीं दिया जाता और वह जेल नहीं चला जाता है। हमारे पास सबूत के साथ 5-6 लड़कियां हैं। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो हम पुलिस के पास जाएंगे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगभग 200 लोगों के साथ प्रदर्शन कर रहे तीन पहलवानों ने कहा कि हम कानूनी रास्ता नहीं अपनाना चाहते थे क्योंकि हमारे पास प्रधानमंत्री का विश्वास है। वहीं बबीता फोगाट ने कहा कि मैं पहले पहलवान हूं और बिना आग के धुंआ नहीं होता। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं पहले पहलवान हूं इसके बाद मैं बीजेपी का हिस्सा हूं। इस बीच खेल मंत्री अनुराग ठाकुर आज रात 10 बजे अपने आवास पर पहलवानों से रूबरू होंगे।
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डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, जो भाजपा सांसद भी हैं, उन्होंने आरोपों से इनकार किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से 66 वर्षीय बृजभूषण ने कहा कि यौन उत्पीड़न के सभी आरोप झूठे हैं, अगर वे सही पाए गए तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।
28 वर्षीय विनेश फोगट ने दिल्ली के जंतर मंतर में एक सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन में बृजभूषण के खिलाफ कई अन्य शीर्ष पहलवानों के समर्थन में आरोप लगाए हैं। रोते हुए विनेश फोगाट ने कहा कि राष्ट्रीय शिविरों में कोचों और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष द्वारा महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया गया है। मैं राष्ट्रीय शिविर में कम से कम 10-20 लड़कियों को जानती हूं, जिन्होंने आकर मुझे अपनी कहानियां सुनाई हैं।
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