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अब सिर्फ इन 4 VVIPs को सुरक्षा देंगे SPG के 3000 जवान

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने का अहम फैसला लिया है। अब उन्हें सिर्फ जेड+ सुरक्षा दी जाएगी। इस फैसले के बाद अब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के तीन हजार जवान देश में सिर्फ चार वीवीआईपी की सुरक्षा करेंगे। एसपीजी के अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले एसपीजी पर अब सिर्फ चार वीवीआईपी की सुरक्षा का जिम्मा होगा। आइये जानते हैं अब किन्हें मिलेगी एसपीजी की सुरक्षा...

पीएम मोदी समेत इन 4 VVIP को मिलेगी एसपीजी सुरक्षा

पीएम मोदी समेत इन 4 VVIP को मिलेगी एसपीजी सुरक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है। इनके अलावा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को ही एसपीजी कवर मिलेगा। एसपीजी से जुड़े अधिकारियों ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी है। एसपीजी काफी प्रशिक्षित इकाई है और यह सभी आधुनिक उपकरणों, वाहनों से लैस होती है। मौजूदा वक्त में करीब 3000 जवान एसपीजी में हैं। एसपीजी में कमांडों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से प्रतिनियुक्ति पर होती है। सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच एसपीजी का पहला अधिकार है वह वीवीआईपी की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की बात करता है।

VVIP की सुरक्षा में ऐसे काम करती है एसपीजी

VVIP की सुरक्षा में ऐसे काम करती है एसपीजी

एसपीजी की वेबसाइट के मुताबिक, इससे जुड़े अधिकारी उच्च नेतृत्व गुणों और प्रोफेशनलिज्म को फॉलो करते हैं। अधिकारी ने बताया, 'एसपीजी ने न केवल अपने काम से बल्कि इंटेलिजेंस ब्यूरो और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश पुलिस बलों के साथ मिलकर समग्र सुरक्षा व्यवस्था में नए-नए तरीकों को अपनाते हुए इसे हासिल करने का प्रयास किया है।' एजेंसी के पास एक अग्रिम सुरक्षा संपर्क प्रोटोकॉल होता है जिस इससे जुड़े अधिकारी पहले उस स्थान पर पहुंच जाते हैं जहां वीवीआईपी को आना होता है। उनके आगमन से लगभग 24 घंटे पहले एसपीजी के अधिकारी उस स्थान की सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख करते हैं।

एसपीजी की टीम में स्नाइपर्स, बम निरोधक विशेषज्ञ होते हैं

एसपीजी की टीम में स्नाइपर्स, बम निरोधक विशेषज्ञ होते हैं

एसपीजी की टीम में स्नाइपर्स, बम निरोधक विशेषज्ञ भी होते हैं। ये जवान वीवीआईपी की सुरक्षा में साए की तरह रहते हैं। एसपीजी के जवानों की ट्रेनिंग लगातार चलने वाली प्रक्रिया होती है। एसपीजी ऐक्ट के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एसपीजी को वो तमाम सहयोग देना होता है, जिसकी वो मांग करते हैं। एसपीजी के पास अत्याधुनिक वाहनों का दस्ता होता है।

कब हुआ एसपीजी का गठन

कब हुआ एसपीजी का गठन

विशेष सुरक्षा दल (Special Protection Group- SPG) का गठन 2 जून, 1988 में भारत की संसद के एक अधिनियम द्वारा बनाया गया था। जिसका हेडक्वार्टर दिल्ली में है। एसपीजी विशेष सुरक्षाबलों में से एक है। इन जवानों का चयन पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स से किया जाता है और ये गृह मंत्रालय के अधीन हैं। इस स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स में आईटीबीपी, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के चुनिंदा अफसर और कमांडो तैनात होते हैं।

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