Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

भारत आने को तैयार स्‍मार्ट फोन बनाने वाली कंपनी सैमसंग, 3 लाख करोड़ के मोबाइल फोन करेगी तैयार

नई दिल्‍ली। इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स का सामान बनाने वाली साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग जल्‍द ही अपना उत्‍पादन वियतनाम से भारत में शिफ्ट करने वाली है। सैमसंग देश में तीन लाख करोड़ से भी ज्‍यादा के उत्‍पाद बनाने को तैयार है। इकोनॉमिक टाइम्‍स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। आपको बता दें कि आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्‍पल पहले भारत में निवेश को तैयार हो चुकी है। वहीं कुछ और कंपनियां भारत आने को रेडी हैं।

केंद्र सरकार की PLI स्‍कीम के तहत निवेश

केंद्र सरकार की PLI स्‍कीम के तहत निवेश

मामले को करीब से देख रहे एक व्‍यक्ति की तरफ से बताया गया है कि कंपनी, प्रोडक्‍शन लिंक्‍ड इनसेंटिव (पीएलआई) स्‍कीम के तहत स्‍मार्टफोन भारत में बनाने के लिए रेडी है। सरकार की तरफ से इस स्‍कीम का ऐलान अप्रैल माह में किया गया था। योजना के तहत बेस ईयर तक कंपनियों को भारत में तैयार उत्‍पादों और टारगेट पूरा करने पर चार से छह प्रतिशत तक का इनसेंटिव दिया जाएगा। अगले पांच वर्षों तक कंपनी को मोबाइल भारत में बनाने पर यह इनसेंटिव मिलेगा। सैमसंग का एक प्‍लांट उत्‍तर प्रदेश के नोएडा में है और यह कंपनी की दुनिया में सबसे बड़ी मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट है। कंपनी अब यहां पर दूसरे देशों के बाजार के लिए मोबाइल फोन तैयार कर रही है। सैमसंग मोबाइल फोन का 50 प्रतिशत हिस्‍सा वियतनाम में तैयार करती है।

अब तक 22 कंपनियों ने किया अप्‍लाई

अब तक 22 कंपनियों ने किया अप्‍लाई

सैमसंग अब साउथ कोरिया से भी अपना बोरिया बिस्‍तर समेटना चाहती है। यहां पर मजदूरी महंगी होने की वजह से अब उसका रुख भारत की तरफ है। फिलहाल ब्राजील और इंडोनेशिया में भी इसका मैन्‍युफैक्‍चरिंग बेस है। मोदी सरकार की तरफ से पीएलआई स्‍कीम के ऐलान ने उन कंपनियों ने खासी तरजीह दी है जो अब सप्‍लाई चेन को चीन से बाहर शिफ्ट करने पर सोच रही हैं। इसका ही नतीजा है कि सैमसंग भी अब एप्‍पल की राह पर है। एप्‍पल के फोन को एशिया में एसेंबल करने वाली कंपनियां फॉक्‍सकॉन, विस्‍ट्रॉन और पेगाट्रॉन अब भारत में अपना बेस मजबूत करने में जुट गई हैं। एक अगस्‍त को आईटी मिनिस्‍टर रविशंकर प्रसाद ने बताया कि करीब 22 कंपनियों पीएलआई स्‍कीम के तहत आवेदन किया है और वो देश में अपना प्रोडक्‍शन शुरू करना चाहती हैं।

क्‍या है सरकार की PLI स्‍कीम

क्‍या है सरकार की PLI स्‍कीम

पीएलआई स्‍कीम के तहत अगर इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स कंपनियां अगले पांच साल तक उत्‍पादन 1.5 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाती हैं तो फिर उन्‍हें करीब 7500 करोड़ का इनसेंटिव दिया जाएगा। भारत सरकार की तरफ से इसी तरह के इनसेंटिव का ऐलान फार्मा कंपनियों के लिए भी किया गया है। सरकार की योजना इस स्‍कीम को ऑटोमोबाइल्‍स, टेक्‍सटाइल्‍स और फूड प्रोसेसिंग सेक्‍टर्स पर भी लागू करने की भी है। सरकार की तरफ से इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स के लिए लाए गए इस प्‍लान से 153 बिलियन डॉलर का सामान अगले पांच वर्षों में देश के अंदर तैयार होने की उम्‍मीद है। इसके अलावा देश में अप्रत्‍यक्ष और प्रत्‍यक्ष तौर पर करीब 10 लाख नौकरियों का निर्माण भी होगा।

एप्‍पल की प्रोडक्‍शन लाइन भारत में

एप्‍पल की प्रोडक्‍शन लाइन भारत में

एक बार सैमसंग, भारत में उत्‍पादन शिफ्ट करती है तो फिर वह एप्‍पल के बराबर आ जाएगा। हाल ही में एप्‍पल ने अपनी प्रोडक्‍शन लाइन को भारत में शिफ्ट कर दिया है। ग्‍लोबल स्‍मार्ट फोन मार्केट करीब 270 बिलियन डॉलर का है। एप्‍पल का मार्केट शेयर करीब 38 प्रतिशत है और सैमसंग 22 प्रतिशत हिस्‍से पर काबिज है। विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार की स्‍कीम की वजह से भारत में अगले 5 सालों के अंदर दुनिया का 10 प्रतिशत स्‍मार्ट फोन मार्केट भारत में शिफ्ट हो सकता है। इसमें ज्‍यादातर कंपनियां वो होंगी जो चीन से बाहर निकलने का रास्‍ता देख रही हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+