Motor vehicle act: क्या बुलेट के साइलेंसर से पटाखे की आवाज निकालना भी जुर्म है?
नई दिल्ली- अगर आप भी अपनी चहेती बुलेट की मॉडिफाइड साइलेंसर से पटाखों की आवाज निकालकर मस्ती करते हैं तो संभल जाइए। आपका ये खेल नए मोटर व्हीकल ऐक्ट के बाद आपको भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में नए कानून लागू होने के बाद करीब तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें ऐसे बाइक सवारों से या तो मोटा जुर्माना वसूला गया है या फिर उनकी बाइक इंपाउंड कर ली गई है।

साइलेंसर से पटाखा फोड़ना पड़ा महंगा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फरीदाबाद के दो युवकों को अपनी-अपनी बुलेट मोटरसाइकिलों से पटाखे की आवाज निकलवाने की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। दरअसल, जब पुलिस ने देखा कि दो बाइक सवार बिना हेलमेट के सरपट भाग रहे हैं तो उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर पहले तो वह भाग निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। मांगने पर पता चला कि उनके पास कोई पेपर नहीं हैं, ऊपर से मॉडिफाइड साइलेंसर से पटाखे अलग फूट रहे हैं। पुलिस ने एक का मोटर व्हीकल ऐक्ट की अलग-अलग धाराओं में 40 हजार का चालान काटा और दूसरे का 41 हजार रुपये का।

जुर्माना भरने के बाद ही छूटी बाइक
बुलेट की मॉडिफाइड साइलेंसर से पटाखे छोड़ने वाले जिस युवक पर 41 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था, वह पास के बल्लभगढ़ इलाके का रहने वाला है। कुछ वक्त बाद वह अपनी बाइक के कुछ कागजात जुटाकर ले आया। पुलिस ने पेपर्स की पड़ताल करने के बाद उसकी जुर्माने की रकम घटकर 21 हजार रुपये कर दी। इस रकम का चालान भरने के बाद उसे अपनी बुलेट ले जाने की इजाजत दे दी गई। हालांकि, पुलिस ने उसे फौरन मॉडिफाइड साइलेंसर बदलवाने की हिदायत दी है। लेकिन, जिस युवक की बाइक पर पटाखे छोड़ने समेत मोटर व्हीकल ऐक्ट के विभिन्न धाराओं के उल्लंघन के लिए 40 हजार का जुर्माना लगाया गया, उसकी बाइक फिलहाल जब्त कर ली गई है।

एक बाइकर का कटा 35 हजार का चालान
फरीदाबाद में ही एक मामले में एक बुलेट बाइक वाले से 35 हजार रुपये का चालान काटने का मामला सामने आया है। घटना शहर के बाटा चौक इलाके की है, जहां चालान काटने के लिए जोनल ऑफिसर खुद तैनात थे। इस मामले में एक बुलेट मोटरसाइकिल पर तीन युवक सवार थे। तीनों बिना हेलमेट के थे। बाइकर से पेपर मांगने पर पता चला कि न तो उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही बाइक की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट। उन्होंने अपनी बाइक का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और पल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसी) भी नहीं ले रखा था। ऊपर से ट्रिपल लोडिंग और साइलेंसर मॉडिफाइड करवाने की गलती अलग कर बैठे थे। जब सभी धाराओं के जुर्माने की रकम जोड़ी गई तो उसपर 35 हजार रुपये का जुर्माना बैठा। बाइकर को चालान थमा दिया गया है। उसे या तो सारे पेपर दिखाने पड़ेंगे या फिर जुर्माने की रकम देकर बाइक छुड़ानी होगी। इस मामले में बाइकर का नाम राहुल बताया जा रहा है कि दिल्ली के बदरपुर गांव का बताया जा रहा है और उसकी बाइक की कीमत डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।

पल्यूशन की धाराओं में जुर्माना
नए मोटर व्हीकल ऐक्ट में वायु या ध्वनि प्रदूषण पर 10,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। ऑटोमोटिव मानदंडों के मुताबिक वाहनों के चलने के कारण निकलने वाली आवाज अधिकतम 80 डेसिबल तक होनी चाहिए। जबकि, मॉडिफाइड वाहनों के साइलेंसर से निकलने वाली आवाज 100 डेसिबल से भी ज्यादा हो जाती है जो कि प्रतिबंधित है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति वाहन चलाते वक्त सड़क सुरक्षा, ध्वनि और वायु प्रदूषण से संबंधित निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है।
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