अब बच्‍चों को पीटा तो आपकी खैर नहीं, होगी जेल

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नयी दिल्‍ली। अक्सर अभिभावक और शिक्षक अपने बच्चों को उनकी बदमाशियों के लिए पीट देते है, लेकिन अब ऐसा करना आसान नहीं होगा। जी हां अगर अब आपने अपने बच्चों को पीटा तो आप को सजा मिल सकती है। अब बच्‍चों को मारना या पीटना बडों के लिए महंगा पड सकता है। खासकर यह उन पेरेंट्स और शिक्षकों के लिए है जो बच्‍चों पर सख्‍ती से पेश आते है। ऐसे अभिभावकों और शिक्षकों को अब बच्चों को पीटना जेल के भीतर पहुंचा सकता है।

बच्‍चों के हितों की रक्षा के लिए अदालत ने सख्त कदम उठाने की पेशकश की है। बच्‍चों के खिलाफ हो रही हिंसा को कम करने के लिए सरकार इस कडे कानून को ड्राफ्ट करने में लगी हुई है। इस कानून के तहत बच्चों को पीटना अपराध श्रेणी में आएगा। इस विषय पर सरकार जुवेनाइल जस्टिस एक्‍ट 2000 के जगह नये कानून के ड्राफ्टिंग पर कार्य कर रही है। खबरें आ रही है कि पुराने कानून के जगह सरकार सरकार नये कानून जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्‍शन ऑफ चिल्‍ड्रेन) बिल 2014 पेश करने जा रही है।

इस कानून में सरकार ने बच्‍चों के हितों और अंतर्राष्‍ट्रीय कानून को ध्‍यान में रखकर बनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने नए प्रस्तावित ड्राफ्ट बिल के बारे में जानकारी दी। नये प्रस्‍तावित बिल पर पहले कैबिनेट की मोहर लगेगी फिर बिल को संसद में लाया जाएगा। संसद में पेश होने के बाद अगर यह बिल संसद के दोनों सदनों में पास हो जाएगा तो भारत दुनिया के ऐसे चालीस देशों में शामिल हो जाएगा जहां बच्चों को शारीरिक दंड निषेध है और दोषी के लिए सजा का प्रावधान है।

इस बिल के अनुसार किसी बच्चे को मारना,पीटना या गालियां देना कार्पोरल पनशिमेंट माना गया है। इस मामले में दोषी व्यक्ति को जुवेनाइल कोट पहले छह महीनों की जेल दे सकता है और जुर्माना भी लग सकता है। वहीं दूसरी बार दोषी पाये जाने पर सजा की अवधि तीन साल हो सकती है।

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