Love Story: इंदिरा ने राजीव के लिए पसंद की थी सुपरस्टार की बेटी लेकिन बेटे ने इटली की बाला को दे दिया था दिल
Sonia Gnadhi Love Story: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी आज अपना 78वां जन्मदिन मना रही हैं। देश के सबसे बड़े सियासी खानदान का प्रतिनिधित्व करने वाली सोनिया गांधी को सुबह से ही लोग बधाई दे रहे हैं। पीएम मोदी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी और उनकी लंबी उम्र की कामना की है।
आपको बता दें कि पूर्व पीएम राजीव गांधी से जिस वक्त सोनिया गांधी ने शादी की थी, उस वक्त उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं होगा कि एक दिन वो भारत की सियासी पिच की महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में इंगित होंगी। अगर राजनीतिक चश्मे से इन दोनों के रिश्ते को ना देखा जाए तो इनकी प्रेमकहानी किसी भी परीकथा से कम नहीं है।

एक भारतीय लड़के को सात संदर पार एक विदेशी कन्या से मोहब्बत होती है और फिर वो दोनों शादी करने का फैसला कर लेते हैं। वो लड़का, जो खुद भारत की प्रधानमंत्री का बेटा था,वो कभी भी राजनीति की दुनिया में एंट्री नहीं करना चाहता था।
वो तो पायलट बनकर आकाश में अपने हमसफर के साथ उड़ना चाहता था लेकिन हालात ने उसे देश का सबसे मजबूत व्यक्ति बना दिया और एक संस्कृति के ना भी होते हुए सोनिया ने अपने पति का साथ हर वक्त निभाया।
किताब 'नीदर अ हॉक नॉर अ डव' में है प्रेम कहानी का जिक्र
हालांकि इस स्टोरी के बारे में काफी कम जानकारी सार्वजनिक मंच पर मौजूद है लेकिन पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने अपनी किताब 'नीदर अ हॉक नॉर अ डव' में सोनिया और राजीव की हसीन मोहब्बत का जिक्र बखूबी और विस्तार से किया है। उन्होंने लिखा है इस लवस्टोरी प्रेम, समर्पण, त्याग और सम्मान सबकुछ है।
कॉफी टेबल पर हुई थी सोनिया-राजीव की पहली मुलाकात
साल 1946 में इटली में जन्मीं सोनिया माइनो साल 1965 में पहली बार ग्रीक रेस्टोरेंट वार्सिटी के कॉफी टेबल पर राजीव गांधी से मिली थीं। तब राजीव वहां कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे और इटली केरबैसानो में पैदा हुई सोनिया गांधी भी कैंब्रिज में अंग्रेजी पढ़ने आई थीं । ये दोनों मिले तो एक संजोग से थे लेकिन पहली मुलाकात में ही दोनों ने एक-दूसरे को प्रभावित कर दिया था।
राजीव गांधी के सरल स्वभाव और व्यक्तित्व ने सोनिया को प्रभावित किया था, जबकि सोनिया की सादगी और अद्वितीय व्यक्तित्व ने राजीव का दिल जीत लिया था, दोनों की मुलाकातें होने लगीं और एक दिन दोनों ने जिंदगी भर का साथ निभाने का फैसला कर लिया।
इंदिरा गांधी ने अपने घर के लिए बहू पसंद कर ली थी लेकिन...
जहां राजीव-सोनिया अपने आने वाले खूबसूरत वक्त के बारे में सोच रहे थे वहीं दूसरी ओर भारत में इंदिरा गांधी ने अपने घर के लिए बहू पसंद कर ली थी क्योंकि उन्हें तो राजीव और सोनिया की प्रेम कहानी के बारे में कुछ पता ही नहीं था।
किताब 'नेता अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स'
मशहूर पत्रकार रशीद किदवई ने अपनी किताब 'नेता अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स' में लिखा है कि पंडित नेहरू और दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर अच्छे मित्र थे। अभिनेता की पोती यानी कि राजकपूर की बेटी ऋतु का गांधी परिवार में आना-जाना था, इंदिरा को ऋतु काफी पसंद थीं और वो बस अपने बेटे के लौटने का इंतजार कर रही थीं, ताकि वो राजीव से कह सकें कि वो ऋतु को बहू बनाना चाहती हैं।
लेकिन जब राजीव भारत लौटे तो उन्होंने सोनिया के बारे में अपनी मां को पहले बता दिया। पहले तो इंदिरा गांधी हैरान रह गईं लेकिन फिर उन्होंने इसे सकारात्मक रूप से लिया। इंदिरा गांधी ने सोनिया को व्यक्तिगत रूप से जानने की कोशिश की और उन्हें परिवार का हिस्सा बनने के लिए स्वीकार किया।
राजीव गांधी और सोनिया माइनो शादी के बंधन में बंध गए
1968 में राजीव गांधी और सोनिया माइनो शादी के बंधन में बंध गए। कुछ वक्त पहले You tube पर एसोसिएटेड प्रेस के आर्काइव का श्वेत-श्याम वीडियो अपलोड जारी हुआ था, जो कि सोनिया-राजीव की शादी का वीडियो है। सोनिया वीडियो में दुल्हन के लिबास में हैं तो वहीं राजीव शेरवानी में बहुत ज्यादा हैंडसम लग रहे हैं। पहले इन दोनों ने वैदिक रीति-रिवाज से और बाद में रजिस्टर्ड शादी की थी। इस वक्त राजीव गांधी की उम्र 23 साल और सोनिया गांधी की उम्र 21 साल थी।
नई दिल्ली स्थित 1, सफदरगंज रोड आवास के बगीचे में हुई थी शादी
यह शादी इंदिरा गांधी के नई दिल्ली स्थित 1, सफदरगंज रोड आवास के बगीचे में हुई थी। मालूम हो कि शादी से पहले सोनिया गांधी सिने अभिनेता अमिताभ बच्चन के घर पर रही थीं और उनके पिता हरिवंश राय बच्चन और मां तेजी बच्चन ने सोनिया गांधी का कन्यादान किया था।
यहां देखें शादी का वीडियो












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