'सत्ता में बैठे लोगों से महात्मा गांधी की विरासत को खतरा', Sonia Gandhi ने भाजपा को लिया आड़े हाथ
Sonia Gandhi News: महात्मा गांधी की विरासत को 'दिल्ली में बैठे लोगों' से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने खतरा जताया। सोनिया गांधी ने गुरुवार 26 दिसंबर को चिंता व्यक्त करते हुए कहा, 'महात्मा गांधी की विरासत को 'दिल्ली में सत्ता में बैठे लोगों' और उन्हें पोषित करने वाली विचारधाराओं और संस्थानों से खतरा है।'
सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) को एक पत्र लिखा। सोनिया गांधी के पत्र को कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पढ़ा गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, सोनिया गांधी ने अपने संदेश के माध्य से मोदी सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा।

इस दौरान सोनिया गांधी ने इन ताकतों से लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने विषाक्त माहौल बनाया जिसके कारण महात्मा गांधी की हत्या हुई। बता दें कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी गुरुवार को सीडब्ल्यूसी की बैठक में नहीं पहुंच सकीं, इस पर उन्होंने अफसोस भी जताया।
हालांकि, उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से कहा कि महात्मा गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना पार्टी और स्वतंत्रता आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश के इतिहास में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर था। आज, हम महात्मा गांधी की विरासत को संरक्षित, सुरक्षित और बढ़ावा देने के लिए खुद को पुनः समर्पित करते हैं।
वह हमारी प्रेरणा का मूल स्रोत रहे हैं और रहेंगे। सोनिया गांधी ने अपने संदेश में कहा, "उन्होंने ही उस पीढ़ी के सभी उल्लेखनीय नेताओं को गढ़ा और उनका मार्गदर्शन किया। उनकी विरासत को नई दिल्ली में सत्ता में बैठे लोगों और उन्हें पोषित करने वाली विचारधाराओं और संस्थाओं से खतरा है।"
सोनिया गांधी ने कहा कि इन संगठनों ने कभी हमारी आजादी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी। उन्होंने महात्मा गांधी का कटु विरोध किया। उन्होंने विषाक्त माहौल बनाया, जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गई। वे उनके हत्यारों का महिमामंडन करते हैं। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश भर में विभिन्न स्थानों पर गांधीवादी संस्थाओं पर हमला हो रहा हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह उचित ही है कि इस बैठक को 'नव सत्याग्रह बैठक' नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब यह हमारा पवित्र कर्तव्य है कि हम अपनी पूरी शक्ति और अडिग दृढ़ संकल्प के साथ इन ताकतों का मुकाबला करें। कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आज हमारे संगठन को और मजबूत बनाने का मुद्दा भी उठेगा।
ताकि, हम चुनौतियों का सामना कर सकें। हमारे संगठन का इतिहास गौरवशाली रहा है और इसने बार-बार अपनी दृढ़ता का परिचय दिया है। आइए हम व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से इस बैठक से आगे बढ़ें और अपनी पार्टी के समक्ष आने वाली चुनौतियों का सामना नए सिरे से तत्परता और नए उद्देश्य के साथ करें।
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सीपीपी अध्यक्ष ने खेद व्यक्त किया कि वह इस "ऐतिहासिक अवसर" पर उपस्थित नहीं हो सकीं। उन्होंने विस्तारित सीडब्ल्यूसी बैठक में उपस्थित कांग्रेस नेताओं को अपने संदेश में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 39वां अधिवेशन ठीक सौ साल पहले इसी स्थान पर आयोजित किया गया था। इसलिए यह उचित ही है कि आप महात्मा गांधी नगर में एकत्रित हों।












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