सोनम वांगचुक की पत्नी Gitanjali कौन, क्या करती हैं? अब लद्दाख आंदोलन संभालेंगी?
Sonam Wangchuk Wife Geetanjali JB: लेह में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी ने लद्दाख ही नहीं, बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वांगचुक बीते 14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे, उनकी मांग थी कि लद्दाख को राज्य का दर्जा मिले और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए। इसी बीच क्षेत्र में हिंसा भड़क गई और प्रशासन ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की।
सोनम की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जेबी भी चर्चा का विषय बन गई हैं। इस रिपोर्ट में जानेंगे कि गीतांजलि जेबी किस पेशे से जुड़ी हैं और अब पति की गिरफ्तारी के बाद वह आगे क्या कदम उठा सकती हैं।

कौन हैं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जेबी?
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जेबी किसी आम गृहिणी की तरह नहीं हैं, बल्कि खुद एक प्रतिष्ठित और सक्रिय शख्सियत हैं। वे हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL), लद्दाख की सह-संस्थापक और CEO हैं। गीतांजलि ने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर लद्दाख का रुख किया और यहाँ शिक्षा, समाज सुधार और नवाचार के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। उनका काम केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है; वे स्वास्थ्य, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
उनका जन्म ओडिशा के बालासोर में एक पंजाबी जैन परिवार में हुआ। भौतिकी में स्नातक की पढ़ाई के बाद उन्होंने MBA किया और पहले परामर्श और मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया। इसके बाद करीब 15 साल डेनमार्क में रहकर उन्होंने कई संस्थाएं और कंपनियां स्थापित कीं, और अपने अनुभव को समाज सेवा और नवाचार में लगाया।
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Leh Protest News- क्या है पूरा मामला?
लेह में 24 सितंबर को हुए विरोध प्रदर्शन और हिंसक झड़प के बाद सुरक्षा की स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई और करीब 90 लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय में आग लगाई और पुलिस पर पथराव किया, जिससे इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई।
तत्काल प्रभाव से लेह में कर्फ्यू लागू कर दिया गया, सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र 2 दिन के लिए बंद कर दिए गए। लेह के अलावा कारगिल और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में धारा 144 लागू की गई। उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने हाईलेवल सुरक्षा बैठक में हिंसा को षड्यंत्र से जोड़कर देखा और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। इस पूरे मामले में पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक उद्यमी सोनम वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की गई।
सरकार का कहना है कि उनकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में बाधा डाल रही थीं। साथ ही, उनकी NGO SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द कर दिया गया और CBI ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वांगचुक ने आरोपों से इनकार किया है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
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