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लेह में बवाल के बीच Sonam Wangchuk के स्कूलों पर CBI का शिकंजा, जानें क्या है पूरा आरोप?

CBI Probes Sonam Wangchuk: लेह में बुधवार को लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संघ राज्य क्षेत्र को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर भड़की हिंसा ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, पथराव हुआ और आगजनी की घटनाएँ सामने आईं।

इसके साथ ही लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अब CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) की जांच के दायरे में हैं। यह जांच उनके द्वारा स्थापित तीन संस्थानों - HIAL (Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh), SECMOL (Students' Educational and Cultural Movement of Ladakh) और उनकी निजी कंपनी Sheshyon Innovations Pvt Ltd - में कथित वित्तीय अनियमितताओं (Financial Irregularities) और नियमों के उल्लंघन के कारण शुरू की गई है।

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Sonam Wangchuks पर क्या हैं आरोप?

सूत्रों के अनुसार, इन संस्थानों के बैंक खातों और फंड ट्रांसफर में कई अंतर पाए गए हैं, जिससे Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010 (FCRA) और अन्य वित्तीय नियमों का उल्लंघन होने का शक है।जानकारी के मुताबिक, HIAL को 2023-24 में ₹6 करोड़ का योगदान मिला था, जो 2024-25 में बढ़कर ₹15 करोड़ से अधिक हो गया। संस्थान के सात बैंक खातों में से चार कथित रूप से घोषित नहीं किए गए।

इसके अलावा, HIAL को ₹1.5 करोड़ से अधिक विदेशी योगदान बिना वैध FCRA पंजीकरण के मिला। HIAL से Sheshyon Innovations Pvt Ltd में लगभग ₹6.5 करोड़ का ट्रांसफर भी जांच में है।

स्कूलों के बैंक अकाउंट पर उठे सवाल

SECMOL की स्थापना 1988 में लद्दाख में शिक्षा सुधार के लिए की गई थी। इस संस्था के नौ बैंक खाते हैं, जिनमें से छह अनडिक्लेयर बताए गए हैं। 2020-21 से 2022-23 के बीच स्थानीय फंड का SECMOL के FCRA खाते में जमा होना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी इस कंपनी के निदेशक हैं। 2024-25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट केवल 1.14% था, जबकि 2023-24 में यह 6.13% था। कंपनी के तीन खातों में से दो अनडिक्लेयर बताए गए हैं।

HIAL से Sheshyon में ₹6.5 करोड़ का ट्रांसफर, जिसमें विदेशी योगदान भी शामिल है, जांच का विषय बना है। 2023 में कंपनी ने नया बैंक खाता खोला, जिससे शक जताया गया कि इसे HIAL की अतिरिक्त राशि को रखने के लिए खोला गया, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।

विदेशी फंडिंग का आरोप

सोनम वांगचुक के नौ व्यक्तिगत बैंक खाते हैं, जिनमें से आठ अनडिक्लेयर हैं। 2018 से 2024 के बीच इन खातों में कथित रूप से ₹1.68 करोड़ विदेशी योगदान आया। 2021 से 2024 के बीच उन्होंने लगभग ₹3.23 करोड़ विदेश भेजे, जो मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जांच का विषय हैं।

सूत्रों के अनुसार, HIAL को 2020 में FCRA पंजीकरण न मिलने के बावजूद HDFC खाते में ₹1.63 करोड़ विदेशी योगदान मिला। FY 2020-21 और 2021-22 के ऑडिट रिपोर्ट में विदेशी आय को "शून्य" दिखाया गया, जबकि असल में क्रमशः ₹23 लाख और ₹47.6 लाख मिले। इन अनियमितताओं से Companies Act और IPC Section 467 के तहत उल्लंघन होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका काम सिर्फ शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए है और यह अनियमितताएँ जानबूझकर नहीं की गई हैं।

जांच पर सोनम वांगचुक ने क्या कहा?

मीडिया से बातचीत में वांगचुक ने कहा कि CBI टीम ने पिछले सप्ताह HIAL और SECMOL का दौरा किया और 2022 से 2024 के बीच प्राप्त विदेशी फंड की जानकारी मांगी। वांगचुक ने कहा, "आदेश में कहा गया कि हमारे पास FCRA के तहत विदेशी फंड प्राप्त करने की मंजूरी नहीं है। हम विदेशी फंड पर निर्भर नहीं होना चाहते, लेकिन हम अपना ज्ञान विदेशों में साझा करते हैं और उससे आय उत्पन्न करते हैं। तीन मामलों में, उन्हें लगा कि यह विदेशी योगदान है।"

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा और सामाजिक विकास है, और यह अनियमितताएँ जानबूझकर नहीं की गई हैं। CBIइस मामले की जांच अभी चल रही है और आने वाले दिनों में CBI की रिपोर्ट के आधार पर और खुलासे हो सकते हैं।

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