कैंसर के खिलाफ लड़ाई की सोनाली बेंद्रे ने साझा की तस्वीर, साझा किया अनुभव
मुंबई, 07 जून। फिल्म अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे उन बेहतरीन अदाकाराओं में से एक हैं जिन्होंने 90 के दशक में लाखो करोड़ो लोगों को अपना दीवाना बनाया था। आज भी उनकी खूबसूरती पहले के जैसे ही बरकरार है। सोनाली बेंद्र ने एक समय एक के बाद एक कई बड़ी हिट फिल्में दी और जबरदस्त लोकप्रियता बटोरी। लेकिन एक समय ऐसा भी सोनाली के जीवन में आया जिसे वह कभी भी भुला नहीं सकती हैं। जब सोनाली बेंद्रे को कैंसर हुआ तो यह काफी मुश्किल समय था, अपने इस संघर के बारे में सोनाली बेंद्र ने कैंसर सर्वाइवर डे के मौके पर सोशल मीडिया पर साझा किया।

तस्वीर साझा कर याद किया वो संघर्ष
सोनाली बेंद्रे ने अपनी कैंसर से लड़ाई के समय की तस्वीर और आज की तस्वीर को एक साथ साझा किया और लिखा कि यह समय कितना मुश्किल था। इन दो खूबसूरत तस्वीरों को साझा करते हुए सोनाली ने लिखा, समय कितनी तेजी से उड़ जाता है, आज जब मैं पीछे देखती हूं, तो मुझे हिम्मत दिखती है, मुझे कमजोरी दिखती है लेकिन सबसे जरूरी बात यह कि मैंने कभी ये नहीं होने दिया कि अब मेरी जिंदगी कैंसर शब्द से इसके बाद जानी जाएगी। आप वैसा ही जीवन तैयार करते हैं जैसा आप उसका चयन करते हैं। सफर वैसा ही होता है जैसा आप उसे बनाते हैं, लिहाजा याद रखिए एक दिन और सूरज की रोशनी की तरह चमकिए।

पांच महीने तक चला था सोनाली का इलाज
बता दें कि कैंसर सर्वाइवर डे को उन लोगों के संघर्ष के दिन के रूप में मनाया जाता है हो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ लड़ते हैं और इसपर जीत दर्ज करते हैं। इसी दिन के मौके पर सोनाली बेंद्रे ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। बता दें कि सोनाली ने अपने करियर में कई हिट फिल्मे जैसे डुप्लिकेट, सरफरोश दी हैं। वर्ष 2018 में सोनाली को हाई ग्रेड का कैंसर डाइग्नोस हुआ था, जिसके बाद पांच महीने तक न्यूयॉर्क में सोनाली का इलाज चला था। इलाज के समय की जो तस्वीर सोनाली ने साझा की है उसमे देखा जा सकता है कि एक तस्वीर में उनके सिर पर और चेहरे पर बिल्कुल बाल नहीं है।

ताहिरा कश्यप ने भी जीती कैंसर से जंग
वहीं लेखिका और फिल्म निर्माता ताहिरा कश्यप ने भी कैंसर के खिलाफ अपनी लड़ाई को साझा किया। उन्हें स्टेज 0 का स्तन कैंसर हुआ था, जिसके बाद 2018 में मास्टेस्टोमी थेरेपी से इलाज हुआ। उस समय की याद को साझा करते हुए कश्यप ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी साझा की, जिसमे लिखा, अपने जीवन के घाव से कभी भी शर्मिंदा नहीं होना चाहिए, इसका साधारण मतलब होता है कि आप काफी मजबूत थे, जिसने भी आपको तकलीफ देने की कोशिश की, आप उससे कहीं मजबूत थे। हर किसी के जीवन में निशान होते हैं, फिर चाहे आपको दिखे या ना दिखे। इसे गर्व के साथ स्वीकार करिए।












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