सोना महापात्रा ने बताया- जब सीनियर ने ब्रा साइज पर कसी थी फब्ती, मुझसे ही किए गए थे सवाल
नई दिल्ली। सिंगर सोना महापात्रा ने कहा है कि यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़िता को ही सवालों के कटघरे में खड़ा करने का चलन बंद होना चाहिए। सोना ने 'आई नेवर आस्क फॉर इट' हैशटैग के साथ इस अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने अपने साथ कॉलेज के दिनों में हुई उत्पीड़न की एक घटना को भी याद किया है कि कैसे उनपर फब्ती कसी गई थी और फिर उनको ही ठीक से दुपट्टा पहनने को कहा गया था। सोना ने कहा है कि ऐसा अक्सर होता है कि ऐसे किसी मामले में लड़की को ही कपड़े ठीक करने की सलाह दे दी जाती है।

क्या हुआ था सोना महापात्रा के साथ
सोना महापात्रा ने ट्विटर पर लिखा है, मैं जब इंजीनियरिंग कर रही थी तो एक दिन मैंने सलवार के साथ ढीला खादी का कुर्ता पहना हुआ था। हम माइक्रोप्रोसेसर लैब में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक सीनियर ने सीटी बजाई और मेरी ब्रा के आकार के बारे में फब्ती कसी। इस पर किसी ने भी उसको कुछ नहीं कहा, हां मेरी एक दोस्त मेरे पास आई और कहा कि मैंने अपना दुपट्टा ठीक से क्यों नहीं पहना है। मुझे पूरी तरह से अपना छाती का हिस्सा ढकना चाहिए।

दूसरी अभिनेत्रियों से भी किया सवाल
सोना महापात्रा ने अपने साथ हुए किस्से को शेयर करते हुए रितुपर्णो चटर्जी, मधुमति महापात्रा, सोनम कपूर और कई दूसरी अत्रिनेत्रियों को टैग करते हुए उनके साथ ऐसी किसी घटना को लेकर पूछा है। जिसमें यौन उत्पीडन का सामना करने के बाद खुद को ही ये कहा गया हो कि ठीक से कपड़े पहनें। सोना के ट्वीट पर कई यूजर्स ने अपने साथ इस तरह के किस्सों को बताया है।

औरतों के मुद्दों पर बोलती रही हैं सोना
जानीमानी सिंगर सोना औरतों के मुद्दों पर काफी मुखर रही हैं। मीटू अभियान के दौरान भी उन्होंने काफी मुखरता से अपनी बात रखी थी। हाल ही में एक्टर मुकेश खन्ना ने जब कहा था कि औरतों को घरों का ही काम करना चाहिए तो सोना ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि दुखी करने वाली सच्चाई यही है कि यहां हमारे चारों ओर ऐसे पिछड़े विचार और सोच वाले लोग पर्याप्त मात्रा में हैं। ये लोग सिर्फ महिलाओं का शोषण करना जानते हैं।












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