कुत्ते का कमाल, जान पर खेल के बचाई CRPF जवानों की जान
इस कुत्ते का नाम एक्सल है। एक्सल को सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ते में शामिल किया गया है। इसे खास ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया है।
भुवनेश्वर। एक स्निफर डॉग ने अपनी काबिलियत से कई जवानों की जान बचा ली। माओवादियों ने जवानों को निशाने पर रख कर विस्फोटक लगाए थे, लेकिन उनकी मंशा पर तब पानी फिर गया जब एक कुत्ते ने विस्फोटकों को खोज लिया।

सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ते में शामिल है एक्सल
इस कुत्ते का नाम एक्सल है। एक्सल को सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ते में शामिल किया गया है। इसे खास ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया है।
इसकी काबिलियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ओडिशा के रायगढ़ जिले में देखने को मिला। जहां माओवादियों ने सुरक्षा जवानों को निशाना बनाने के लिए आईईडी लगा रखा था।
डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक ये पूरा मामला रायगढ़-मुनीगड़ा रोड के हटामुनीगुडा इलाके का था। माओवादियों की योजना सफल होती उससे पहले एक्सल ने इन विस्फोटकों का पता लगा लिया।
माओवादियों ने लगाया था आईईडी
मामले की सूचना तुरंत बम निरोधक दस्ते को दी गई। उन्होंने मौके पर पहुंचकर विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया। हालांकि इस घटना में एक्सल के पैरों पर आंख के निचले हिस्से में गंभीर चोट आई है। लेकिन उसकी सूझबूझ से माओवादियों की योजना फेल जरूर हो गई।
बताया जा रहा है कि आईईडी की वजन करीब पांच किलो था। अगर इसका पता नहीं चलता तो अर्धसैनिक बलों को इसका खामियाजा उठाना पड़ता।
माओवादियों का सीधा निशाना सीआरपीएफ जवान ही थे। अगर एक्सल की सूझ-बूझ से इन विस्फोटकों को डिफ्यूज नहीं किया जाता तो कई जवानों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
सीआरपीएफ की टीम चला रही कॉम्बिंग ऑपरेशन
बता दें कि सीआरपीएफ और ओडिशा पुलिस के जवान कालाहांडी, कंधमाल, रायगढ़ जिलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं।
सात साल के कुत्ते एक्सल को सीआरपीएफ के स्निफर स्क्वैड में शामिल हुए चार साल हो गए हैं। उनके ट्रेनर शंभू प्रसाद हैं, जो उसे ट्रेनिंग देते हैं।












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