कोरोना संकट में प्रवासी मजदूरों की मदद कर रहे सोनू सूद की स्मृति ईरानी ने की तारीफ, कहा-गर्व है आप पर
नई दिल्ली। कोरोना के संकट में एक्टर सोनू सूद रीयल लाइफ में सुपरहीरो बनकर सामने आए हैं। अलग-अलग राज्यों से प्रवासी मजदूरों का पैदल पलायन जारी है। ऐसे में सोनू सूद ने प्रवासियों को बसों में उनके घर भेजने का बीड़ा उठाया है। वो अबतक 750 से ज्यादा मजदूरों को अपने खर्चे पर उन्हें घर भेज चुके हैं। हर तरफ सोनू सूद की चर्चा हो रही है। अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोनू सूद की तारीफ की है। स्मृति ने लिखा है 'सोनू, तुमने जरूरतमंदों के लिए जो दया दिखाई है उस पर मुझे गर्व है।'

सोनू तुमने गर्व करने का मौका दिया
सोनू सूद के एक ट्वीट को शेयर करते हुए स्मृति ईरानी ने लिखा- अपने साथी कलाकार के तौर पर मैं तुम्हें 2 दशकों से जानती हूं सोनू। एक एक्टर के तौर पर तुम्हारा सामने आना मैंने सेलिब्रेट किया है। लेकिन आज के इन मुश्किल हालातों में जो दया तुमने दिखाई है उसने मुझे गर्व करने का मौका दिया है। जररूतमंदों की मदद का शुक्रिया। स्मृति के ट्वीट पर एक्टर रवि किशन ने भी सहमति जताई और सोनू की तारीफ करते हुए लिखा। "यही सब याद रहता है दुनिया में।"
सोनू सूद ने भी स्मृति ईरानी को दिया जवाब
सोनू सूद ने स्मृति ईरानी के ट्वीट का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी के शब्दों से उन्हें और भी ज्यादा काम करने का प्रोत्साहन मिला है। ट्वीट का जवाब देते हुए सोनू सूद ने कहा कि शुगिया मेरी दोस्त, आप हमेशा से प्रेरणा रही हो। आपके प्रोत्साहित करने वाले शब्दों ने मुझे और भी ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है। मैं आपसे वादा करता हूं कि जब तक हमारे हर एक भाई और बहन अपने घर तक नहीं पहुंचते, मैं उनके साथ रहूंगा। जैसे आपने हमें गर्व महसूस कराया है, मैं भी वैसे ही करूंगा। आपको बड़ा सलाम।"
सोनू सूद ने भी स्मृति ईरानी को दिया जवाब
सोनू सूद ने स्मृति ईरानी के ट्वीट का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि स्मृति ईरानी के शब्दों से उन्हें और भी ज्यादा काम करने का प्रोत्साहन मिला है। ट्वीट का जवाब देते हुए सोनू सूद ने कहा कि शुगिया मेरी दोस्त, आप हमेशा से प्रेरणा रही हो। आपके प्रोत्साहित करने वाले शब्दों ने मुझे और भी ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया है। मैं आपसे वादा करता हूं कि जब तक हमारे हर एक भाई और बहन अपने घर तक नहीं पहुंचते, मैं उनके साथ रहूंगा। जैसे आपने हमें गर्व महसूस कराया है, मैं भी वैसे ही करूंगा। आपको बड़ा सलाम।"

सोनू सूद ने कहा था- जब तक अंतिम प्रवासी अपने परिवार से नहीं मिल जाता, मैं लड़ता रहूंगा
सोनू सूद का कहना है कि वह उन प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा से पीड़ित हैं जो देशव्यापी लॉकडाउन के बीच घर वापस जाने में असमर्थ हैं और वह उनके लिए परिवहन की व्यवस्था करने के लिए वह सब कुछ करेंगे जो वह कर सकते हैं। शनिवार को, सोनू ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष अनुमति प्राप्त करने के बाद प्रवासियों के लिए अधिक बसों की व्यवस्था की। अभिनेता ने पहले महाराष्ट्रा से कर्नाटक के गुलबर्गा जाने वाले ऐसे कई कार्यकर्ताओं के लिए कई बस सेवाओं का आयोजन किया था। सोनू सूद ने महाराष्ट्र से कर्नाटक के गुलबर्ग जाने वाले कामगारों के बस सेवा का प्रबंध किया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान अपने घर वापस नहीं जा सकने वाले प्रवासियों की दुर्दशा देखकर दुख होता है और वह उन्हें वापस भेजने के लिए सबकुछ करेंगे। सूद ने एक बयान में कहा, 'यह मेरे लिए एक बेहद भावनात्मक यात्रा रही है। घरों से दूर सड़कों पर चलते इन प्रवासियों को देखकर मुझे दुख होता है।' सोनू सूद ने आगे कहा, 'जब तक अंतिम प्रवासी अपने परिवार और प्रियजनों से नहीं मिल जाता, तब तक मैं प्रवासियों को घर भेजना जारी रखूंगा। यह मेरे दिल के बहुत करीब है।'












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