बहन ने शहीद भाई की मूर्ति पर बांधी राखी, दिया बेटी की शादी में आने का न्योता
देश की रक्षा में लड़ते हुए शहीद हुए भाई को बेटी की शादी का न्योता देने एक बहन उसकी मूर्ति के पास गई। राजस्थान के सीकर जिले में बहन का अपने भाई के लिए असीम प्यार देखने को मिला। यहां देश के लिए शहीद हुए अपने भाई को न्योता देने उसकी मूर्ति के पास गई और उसे राखी भी बांधी।
जयपुर। देश की रक्षा में लड़ते हुए शहीद हुए भाई को बेटी की शादी का न्योता देने एक बहन उसकी मूर्ति के पास गई। राजस्थान के सीकर जिले में बहन का अपने भाई के लिए असीम प्यार देखने को मिला। यहां देश के लिए शहीद हुए अपने भाई को न्योता देने उसकी मूर्ति के पास गई और उसे राखी भी बांधी। फिर बहन ने अपने भाई को बेटी की शादी में आने का न्योता दिया। भाई के लिए बहन का ये प्यार देखकर वहां खड़े सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।

राजस्थान के सीकर जिले के गांव सिहोट छोटी में बहन भंवरी ने अपने शहीद भाई गणपत सिंह ढाका की मूर्ति पर जाकर उसे अपनी बेटी की शादी का न्योता दिया। भंवरी का भाई 16 ग्रेनेडियर्स में तैनात था और कारगिल युद्ध के दौरान 27 जुलाई 1999 को देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो गया था। उसके बाद गांववालों ने मिलकर गणपत सिंह की मूर्ति गांव में स्थापित कराई थी।
भंवरी की बेटी प्रियंका की शादी कुछ ही दिनों में है। ऐसे में भात भरने की रस्म में बहन भंवरी अपने भाई गणपत सिंह की मूर्ति के पास गई। भंवरी के साथ शहीद गणपत सिंह की पत्नी मंजू देवी और रिश्तेदार भी मौजूद थे। भंवरी ने अपने भाई की मूर्ति को राखी बांधी और उसे मायरे में आने का न्योता दिया। भाई के लिए बहन का प्यार देखकर हर किसी की आंखों से आंसू आ गए।
भाई गणपत सिंह की मूर्ति को राखी बांधने के बाद वो अपने बाकी भाइयों के घर गईं। गणपत सिंह कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ते-लड़ते शहीद हो गए थे। शहीद वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ने बताया कि वो 16 ग्रेनेडियर्स में कार्यरत थे। 27 जुलाई, 1999 को देश की रक्षा में उनकी जान चली गई थी। इसके बाद उनकी मूर्ति गांव में स्थापित की गई थी। गांववालों ने बताया कि हर साल उनकी याद में गांव में कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
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