पद्म श्री मिलने पर मचे बवाल को लेकर बोले अदनान,कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
नई दिल्ली। गायक अदनान सामी को पद्मश्री से नवाजे जाने पर मचा सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी अदनान सामी को ट्रोल का सामना करना पड़ा है। अब पुरस्कार मिलने के बाद पहली बार अदनान सामी की प्रतिक्रिया सामने आई है। अदनान ने कहा कि, मैं खुश और सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि मुझे एक बड़ा पुरस्कार दिया गया है। मुझे और मेरे संगीत को प्यार करने के लिए मैं लोगों का आभारी हूं, मैं भारत सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं। पुरस्कार मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है।

अदनाना सामी ने कहा कि, मेरे वजूद में तो दुनिया में जो भी इसके तासूर हों, मेरी जिन्दगी में इसका कोई असर नहीं होता, क्योंकि वो पुराना गाना है ना कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना। आप कभी भी सभी को खुश नहीं कर सकते। मुझे इस अवॉर्ड के मिलने का पॉलिटिक्स से कोई लेना देना नहीं है, ये आपको आपकी फील्ड में सर्वश्रेष्ठ काम के लिए दिया जाता है। सबसे अहम बात ये है कि मुझे ये अवॉर्ड आर्ट के लिए दिया जा रहा है। आर्ट और पॉलिटिक्स का कोई वास्ता नहीं है।
वहीं अदनान सामी के पिता को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि, मेरे पिता 1965 की लड़ाई में पाकिस्तान के एक फाइटर पायलट थे। उन्होंने अपने देश के लिए अपनी ड्यूटी निभाई। उनको देशभक्ति के लिए सम्मानित भी किया गया। कौन सी दुनिया में ऐसा दस्तुर है एक बेटे पर आप इल्ज़ाम लगाते हो उसके बाप के कामों के ऊपर।
कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने अदनाम को पद्मश्री मिलने पर निशाना साधते हुए कहा, भाजपा सरकार की चमचागिरी' प्रतिष्ठित सम्मान दिए जाने का नया मानदंड बन गया है। शेरगिल ने यह सवाल भी किया कि ऐसा क्यों हुआ कि करगिल युद्ध में शामिल हुए सैनिक सनाउल्लाह को घुसपैठिया घोषित कर दिया गया, जबकि उस सामी को पद्म सम्मान दिया जा रहा है। वहीं राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की सिनेमा इकाई के अध्यक्ष एमे खोपकर ने अदनान से पद्मश्री सम्मान वापस लेने की मांग की है।












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