सिक्किम: किसी भी वक्त Glacial झील से आ सकती है तबाही, खाली करवाए गए कई गांव
हाल ही में सिक्किम में बादल फटने से कई इलाकों में जमकर नुकसान हुआ। इस घटना में 100 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच गुरुवार को एक झील के फटने की चेतावनी जारी हुई।
जानकारी के मुताबिक सिक्किम में अधिकारियों ने मंगन जिले में लाचेन के पास शाको चो झील के किनारे से लोगों को निकालना शुरू कर दिया। ऐसी रिपोर्ट आई है कि झील किसी भी वक्त फट सकती है। जिसके चलते अधिकारियों को अलर्ट जारी करना पड़ा है।

शाको चो ग्लेशियल झील थांगु गांव के ऊपर है। ये करीब 1.3 किमी लंबी है और यहां से गांव की दूरी 12 किमी दूर है। ऐसे में अधिकारियों ने गंगटोक जिले के सिंगतम, मंगन जिले के डिक्चू और पाक्योंग जिले के रंगपो आईबीएम क्षेत्र को खाली करवा लिया है।
मामले में गंगटोक के डीएम तुषारे निखारे ने कहा कि सैटेलाइट डेटा से साको चू के ऊपर ग्लेशियर के तापमान में असामान्य वृद्धि देखी गई है। अगर तापमान स्थिर हो गया तो कोई समस्या नहीं होगी, वे शुक्रवार सुबह फिर से क्षेत्र की स्थिति की जांच करेंगे। फिलहाल एहतियात के तौर पर लोगों को वहां से निकाल दिया गया है।
वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि वो बाढ़ का पानी कम होने के बाद सिक्किम में जलविद्युत परियोजनाओं को हुए नुकसान का विस्तृत आंकलन करेगी। जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी जलविद्युत परियोजनाओं को जल्द से जल्द चालू करने के लिए हर संभव उपाय कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने बुधवार को एनएचपीसी के साथ एक आपात बैठक की थी, जिसमें मंत्रालय और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। ताजा अपडेट के मुताबिक तीस्ता बेसिन में अचानक आई बाढ़ के कारण, तीस्ता-V जलविद्युत स्टेशन के नीचे तारखोला और पम्फोक तक के सभी पुल डूब या बह गए हैं, ऐसे वहां तक कर्मचारी पहुंच ही नहीं पा रहे। बाढ़ का पानी तीस्ता वी पावर स्टेशन (510 मेगावाट) के बांध से ऊपर निकल गया। जिससे काफी ज्यादा नुकसान हुआ है।












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