सिद्दारमैया को अभी के लिए मिला संदेह का लाभ! कांग्रेस हाईकमान की नोटिस पर कर्नाटक सरकार?
Karnataka News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को लगता है कि फिलहाल कांग्रेस हाईकमान से संदेह का लाभ मिल गया है। लेकिन, जानकारी के मुताबिक पार्टी नेतृत्व ने सीएम और राज्य सरकार के खिलाफ लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर उनसे सफाई मांग ली है।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर लग रहे कथित मूडा घोटाले (MUDA Scam) और वाल्मीकि घोटाले (Valmiki ST Development Corporation scam) के आरोपों के बीच सीएम और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार दोनों मंगलवार को दिल्ली में थे।

कांग्रेस नेतृत्व के साथ कर्नाटक के मुद्दों पर चर्चा
इन दोनों नेताओं को घोटाले के आरोपों के बीच चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया गया था। ये दोनों नेता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता और सांसद राहुल गांधी, रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक में शामिल हुए।
सिद्दारमैया के खिलाफ कस सकता है कानूनी शिकंजा
कांग्रेस के अंदर इस बात को लेकर चिंता है कि घोटाले के इन आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री की कानूनी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत पहले ही राज्य सरकार से मूडा घोटाले के संबंध में एक रिपोर्ट मांगी हुई है।
भ्रष्टाचार-विरोधी कार्यकर्ता ने दी है हाई कोर्ट जाने की चेतावनी
दरअसल,राज्यपाल से भ्रष्टाचार-विरोधी कार्यकर्ता और वकील टीजे अब्राहम ने आग्रह किया है कि वह मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) से जुड़े कथित जमीन घोटाले में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दें, जिसमें कथित तौर पर उनकी पत्नी बीएम पार्वती शामिल हैं।
अब्राहम ने कहा है, 'मैं एक हफ्ते तक इंतजार करूंगा और अगर सरकार गवर्नर को रिपोर्ट देने में नाकाम रही तो मैं हाई कोर्ट जाऊंगा।' सिद्दारमैया भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि कथित मूडा घोटाले को लेकर राज्यपाल उनसे रिपोर्ट मांग चुके हैं।
कांग्रेस की बैठक में विपक्ष की रणनीति पर भी हुई चर्चा
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा की गई और यह भी विचार किया गया कि राज्य सरकार का आगे का कदम कैसा होना चाहिए। जानकारी के मुताबिक बैठक में भाजपा की ओर से घोटालों के विरोध में बेंगलुरू से मैसूर तक की घोषित पदयात्रा और उसके परिणामों पर भी चिंतन की गई है।
लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन और गुटबाजी पर भी हुआ मंथन
इसके अलावा इस बैठक में लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में कांग्रेस के उम्मीदों से खराब प्रदर्शन को लेकर मधुसूदन मिस्त्री पैनल की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। यही नहीं राज्य में कांग्रेस के अंदर जारी मतभेद ने भी हाईकमान को सोचने को मजबूर किया है।
क्योंकि, जानकारी के अनुसार सिद्दारमैया समर्थक माने जाने वाला केएन राजन्ना, एचसी महादेवप्पा और सतीश जारकीहोली जैसे मंत्रियों ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है।
राहुल ने गुटबाजी से परहेज करने को कहा है
वहीं कहा जा रहा है कि सिद्दारमैया-विरोधी गुट ने आलाकमान तक मुख्यमंत्री के नेतृत्व के खिलाफ अपनी शिकायत पहुंचाई है। इसपर फिलहाल पार्टी नेतृत्व ने सिद्दारमैया और शिवकुमार दोनों से कहा है कि अपने समर्थकों की आपसी लड़ाई को और बढ़ाने से रोकें और मिलजुलकर एकजुटता के साथ कांग्रेस को मजबूत करने पर ध्यान दें।
न्यूज एजेंसी एएनआई से कांग्रेस के एक सूत्र ने कहा है, 'लोकसभा चुनावों के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच गुटबाजी को देखते हुए, राहुल गांधी ने सभी नेताओं से मिलकर काम करने को कहा है। उन्होंने उन लोगों से कहा है कि तालमेल के साथ और मिलजुलकर सरकार चलाएं।'












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