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अंतरिक्ष में इतिहास रचने के बाद जल्द धरती पर लौटेंगे शुभांशु शुक्ला, बेटे के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे पिता

Shubhanshu Shukla: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जल्द ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से धरती पर लौटने वाले हैं। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला ने बताया कि पूरा परिवार बेटे के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

नासा के अनुसार, Axiom-4 मिशन में शामिल शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम सोमवार, 14 जुलाई को शाम 4:35 बजे ISS से रवाना होंगे। इसके बाद उनका अंतरिक्ष यान 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे भारत के समय के अनुसार धरती पर उतरेगा। माना जा रहा है कि उनका यान कैलिफोर्निया के तट के पास समंदर में लैंड करेगा।

Astronaut Shubhanshu Shukla

परिवार में खुशी का माहौल
शंभू दयाल शुक्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम सब बहुत खुश हैं! शुभांशु कल लौटने वाला है, पूरा परिवार उसका इंतजार कर रहा है।" उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और डिंपल यादव को भी धन्यवाद कहा, जिन्होंने शुभकामनाएं भेजी हैं।

राकेश शर्मा के बाद नया इतिहास
शुभांशु शुक्ला 40 साल बाद अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने हैं। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत मिशन में जाकर भारत का नाम रोशन किया था।

टीम में कौन-कौन है?
Axiom-4 मिशन 25 जून को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से रवाना हुआ था और 26 जून को ISS से जुड़ा था। इस मिशन में शुभांशु के साथ पूर्व NASA की अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस उज़्नान्स्की और हंगरी के तिबोर कापु भी शामिल हैं। चारों ने ISS पर करीब 14 दिन बिताए।

रिसर्च से भविष्य की तैयारी
इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने कई रिसर्च प्रोजेक्ट पूरे किए। शुभांशु ने माइक्रोएल्गी पर प्रयोग किया, जिससे भविष्य में लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के दौरान खाना, ऑक्सीजन और बायोफ्यूल तैयार किया जा सकेगा। इसके अलावा, टीम ने माइक्रोग्रैविटी में दिमाग और खून के प्रवाह पर असर की भी जांच की।

लौटने के बाद रिहैब प्रोग्राम
धरती पर वापसी के बाद शुभांशु को एक हफ्ते का रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम करना होगा ताकि शरीर को दोबारा धरती के माहौल के मुताबिक ढाला जा सके।

गगनयान मिशन को भी होगा फायदा
ISRO ने शुभांशु की इस ऐतिहासिक उड़ान के लिए करीब 550 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इससे ISRO को अपने मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान, जिसे 2027 में लॉन्च किया जाएगा, के लिए कीमती अनुभव मिलेगा।

अब सबकी निगाहें उस पल पर टिकी हैं, जब शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की लंबी यात्रा पूरी कर फिर से अपने देश और परिवार की मिट्टी पर कदम रखेंगे।

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