Shubhanshu Shukla ने ISS पहुंचने से पहले भेजा खास मैसेज, बताया क्या-क्या कर रहे मजे? राकेश शर्मा की दिलाई याद
Shubhanshu Shukla Space First Message: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और इसरो के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने से पहले एक विशेष संदेश भेजा है। इस संदेश में उन्होंने कहा कि वह अंतरिक्ष में एक बच्चे की तरह नई-नई चीजें सीख रहे हैं। यह संदेश अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए निर्धारित डॉकिंग से कुछ घंटे पहले आया, जहां शुक्ला अपने तीन अन्य साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिशन पर हैं।
एक्सिओम मिशन 4 का अंतरिक्ष यान आज, 26 जून 2025 को भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे के आसपास ISS पर डॉक करने वाला है। स्पेसएक्स की लाइव स्ट्रीम के दौरान शुभांशु शुक्ला ने कहा कि सभी को नमस्ते, अंतरिक्ष से नमस्ते! उन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा को 'अद्भुत' बताते हुए कहा कि वह अपने साथी क्रू मेंबर्स के साथ इस अनुभव का पूरा आनंद ले रहे हैं। शुक्ला के इस संदेश ने 1984 में भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की याद ताजा कर दी, जिन्होंने 'सारे जहां से अच्छा' कहकर देश का गौरव बढ़ाया था।

शुभांशु ने बताया- स्पेस में क्या-क्या कर रहे मजे?
शुभांशु ने अपने संदेश में कहा, 'कल से मुझे बताया जा रहा है कि मैं बहुत सो रहा हूं, जो एक अच्छी बात है। मैं अंतरिक्ष की आदत डाल रहा हूं, खिड़की से नजारे देख रहा हूं और इस पूरे अनुभव का मजा ले रहा हूं। मैं एक बच्चे की तरह सीख रहा हूं कि अंतरिक्ष में कैसे चलना है, कैसे खाना है। गलतियां करना ठीक है, लेकिन दूसरों को गलतियां करते देखना और भी मजेदार है।'
उन्होंने अपने मिशन को भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शुक्ला ने कहा, 'यह एक छोटा कदम है, लेकिन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ठोस और स्थिर कदम है।'
दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री
39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला, जो लखनऊ के रहने वाले हैं, अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाले दूसरे भारतीय नागरिक बन गए हैं। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के सैल्यूट-7 स्टेशन पर 7 दिन बिताकर इतिहास रचा था।
एक्सिओम-4 मिशन का सफर
करीब 6 बार स्थगित होने के बाद, 25 जून 2025 को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:01 बजे स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट ने फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से ड्रैगन अंतरिक्ष यान के साथ उड़ान भरी। इस मिशन में शुभांशु शुक्ला (मिशन पायलट), पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन (कमांडर), हंगरी के टिबोर कापू और पोलैंड के स्लावोस्ज़ उज़नांस्की-विस्निएव्स्की शामिल हैं।
ISS पर डॉकिंग और मिशन
नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस के अनुसार, ड्रैगन अंतरिक्ष यान आज (26 जून) सुबह 7:00 बजे (पूर्वी समय, यानी भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे) ISS के हार्मोनी मॉड्यूल पर स्वचालित रूप से डॉक करेगा। शुक्ला, जिन्हें उनकी टीम 'Shux' कहती है, डॉकिंग प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्हें अंतरिक्ष यान के प्रक्षेप पथ और कक्षीय मापदंडों पर नजर रखनी होगी।
डॉकिंग के बाद, चालक दल 14 दिन के मिशन के दौरान माइक्रोग्रैविटी से जुड़े करीब 60 प्रयोग करेगा, जिनमें से सात शुभांशु शुक्ला के जिम्मे हैं। नासा और इसरो मिलकर पांच संयुक्त वैज्ञानिक प्रयोगों और दो कक्षीय विज्ञान-प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों में हिस्सा लेंगे।
Rakesh Sharma की गूंज
शुभांशु शुक्ला का संदेश सुनकर राकेश शर्मा की यादें ताजा हो गईं। 1984 में राकेश शर्मा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से बातचीत में कहा था, 'सारे जहां से अच्छा,' जब उनसे पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है। यह पंक्ति आज भी देशवासियों के दिलों में बसी है। शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक नया अध्याय है। उनके इस कदम ने न केवल भारत का गौरव बढ़ाया है, बल्कि युवाओं के लिए अंतरिक्ष अनुसंधान में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
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