'भारत के लिए गौरव का क्षण', दिल्ली पहुंचे Shubhanshu Shukla, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत
Shubhanshu Shukla: आखिरकार इंतजार खत्म हुआ और वो घड़ी आ गई जिसका इंतजार पूरा भारत बड़ी ही शिद्दत से कर रहा था। भारत के 'पवनपुत्र' यानी अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की आज वतन वापसी हो गई है, उन्होंने रविवार तड़के भारत की धरती पर कदम रखा, दिल्ली एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह, इसरो के वैज्ञानिक, छात्रों का समूह और बड़ी संख्या में लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया।
शुभांशु के साथ उनकी पत्नी कामना शुक्ला और बेटा भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट के बाहर ढोल-नगाड़े बज रहे थे, सबके चेहरे पर मुस्कान थी, शुभांशु की एक झलक पाने के लिए लोग बेताब दिखे, शुभांशु ने सभी का हाथ हिलाकर धन्यवाद किया।
लोग शुभांशु को देखते ही क्रेजी हो गए, जैसे ही वो एयरपोर्ट से बाहर निकले लोगों ने 'भारत माता' के जयकारे लगाने लगे, लोगों ने हाथों में 'तिरंगा' लेकर शुभांशु का स्वागत किया।

अक्सिओम-4 मिशन सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद शुभांशु शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय एएक्स-4 दल के सदस्य के रूप में 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए और 60 से भी ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग किए। उनके आगमन पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने एक्स पर लिखा कि 'भारत के लिए गर्व का क्षण! इसरो के लिए गौरव का क्षण! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संभव बनाने वाली सरकार के प्रति आभार का क्षण। भारत का अंतरिक्ष गौरव भारतीय धरती को छू गया... क्योंकि भारत माता के प्रतिष्ठित सपूत, गगनयात्री शुभांशु शुक्ला आज तड़के सुबह दिल्ली पहुंचे।'
Shubhanshu Shukla के साथ कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
'उनके साथ एक और समान रूप से कुशल ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर भी थे, जो भारत के पहले मानव मिशन, गगनयान के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन आईएसएस के मिशन के लिए भारत के नामित बैकअप थे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और बाद में छात्रों के एक समूह द्वारा स्वागत किए जाने के साथ नई दिल्ली हवाई अड्डे पर दोनों का स्वागत करने का सौभाग्य मिला।'
Shubhanshu Shukla अपने परिवार से मिलने लखनऊ जाएंगे
आपको बता दें कि दिल्ली से शुभांशु शुक्ला अपने परिवार से मिलने लखनऊ जाएंगे। आने वाले दिनों में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होगी। अक्टूबर में निर्धारित महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए शुभांशु के प्रशिक्षण की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी है।

भारत आने वाली उड़ान में बैठने से पहले, शुक्ला ने एक इमोशनल मैसेज सोशल मीडया पर शेयर किया था। उन्होंने लिखा था कि 'भारत वापस आने के लिए विमान में बैठते ही मेरे दिल में कई तरह की भावनाएं उमड़ रही हैं। मुझे उन शानदार लोगों को पीछे छोड़कर जाने का दुख है जो इस मिशन के दौरान पिछले एक साल से मेरे दोस्त और परिवार थे। मैं मिशन के बाद पहली बार अपने सभी दोस्तों, परिवार और देश के सभी लोगों से मिलने को लेकर भी उत्साहित हूं। मुझे लगता है ज़िंदगी यही है - सब कुछ एक साथ।'












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