श्रद्धा केस लव जिहाद की एक सच्चाई है, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने किस आधार पर किया दावा ? जानिए

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली की श्रद्धा हत्याकांड को लव जिहाद देश की सच्चाई बताया है। उन्होंने कहा लव जिहाद मकसद के लिए होता है,जो पूरा नहीं होने पर श्रद्धा जैसे केस देखने को मिलते हैं।

श्रद्धा मर्डर केस को लेकर असम के मुख्यमंत्री ने बहुत बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक यह घटना इस बात का सबूत है कि लव जिहाद जैसी सच्चाई देश में मौजूद है। उन्होंने एक समाचार चैनल को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही है और इस पर रोक लगाने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाए जाने की भी वकालत की है। दिल्ली के श्रद्धा वाकर हत्याकांड ने पूरी मानवता को हिला कर रख दिया है। इस घटना में आरोपी आफताब पूनावाला से पूछताछ में रोज जो नए खुलासे हो रहे हैं, वह उसके आपराधिक और खतरनाक मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

लव जिहाद एक सच्चाई है- असम के मुख्यमंत्री

लव जिहाद एक सच्चाई है- असम के मुख्यमंत्री

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि लव जिहाद एक सच्चाई है। उन्होंने इसके लिए दिल्ली के मेहरौली इलाके में हुए श्रद्धा वाकर की जघन्य हत्या का हवाला दिया है। इससे पहले असम के सीएम गुजरात विधानसभा और दिल्ली की एमसीडी में चुनाव प्रचार के दौरान भी इसी आधार पर लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने की जरूरत बता चुके हैं। अब उन्होंने श्रद्धा वाकर हत्याकांड के माध्यम से देश में चल रहे कथित लव जिहाद को सच्चाई की तरह पेश किया है।

'लव जिहाद के साक्ष्य हैं.......'

'लव जिहाद के साक्ष्य हैं.......'

असम के मुख्यमंत्री ने टीवी चैनल से कहा है, 'राष्ट्रीय दृष्टिकोण से लव जिहाद एक सच्चाई है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'लव जिहाद के साक्ष्य हैं (श्रद्धा मर्डर केस में)......आफताब की पॉलीग्राफ टेस्ट में भी, यह कहा गया है कि उसने खुलासा किया है कि उसका कर्म उसे जन्नत दिलाएगा। इसपर कई सारी रिपोर्ट हैं।' सीएम सरमा ने दो दिन पहले भी इसी तरह की बातें जोर देकर कही थीं। उन्होंने टाइम्स नाउ समिट में कहा था कि इस हत्याकांड में 'लव जिहाद के तत्व' हैं।

श्रद्धा वाकर हत्याकांड की जांच का दिया हवाला

श्रद्धा वाकर हत्याकांड की जांच का दिया हवाला

दरअसल, देश में एक वर्ग की ओर से लंबे समय से दावा किया जाता रहा है कि मुस्लिम लड़कों की ओर से धोखे से हिंदू लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसाया जाता है और फिर बाद में उससे शादी करके उसपर धर्मांतरण का दबाव डाला जाता है। इसी तरह के मामले अब लव जिहाद के तौर पर कुख्यात हो चुके हैं। वैसे फरवरी, 2020 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसद में बताया था कि मौजूदा कानून में यह टर्म परिभाषित नहीं है और ना ही किसी केंद्रीय एजेंसी ने इसके तहत कोई केस रिपोर्ट किया है। लेकिन, अब असम के सीएम का कहना है, 'यही सवाल है, जिसे लव जिहाद शब्द को परिभाषित करने के लिए हम पूछते रहे हैं, क्योंकि अब हम आश्वस्त हैं कि लव जिहाद तब भी मौजूद है, जब आप पॉलीग्राफ टेस्ट करते हैं।'

'...तब श्रद्धा जैसे केस देखने को मिलते हैं'

'...तब श्रद्धा जैसे केस देखने को मिलते हैं'

हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने प्रदेश के बारे में भी इसी तरह की बात कही है। उनके मुताबिक, 'लव जिहाद असम के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। लव जिहाद तब होता है जब दिमाग में किसी खास मकसद को रखकर लव किया जाता है और जब यह मकसद पूरा नहीं हो पाता, तो आपको श्रद्धा जैसे केस देखने को मिलते हैं।' सरमा ने सवाल पूछने वाले एंकर से यहां तक कहा है कि 'आपके लिए यह सांप्रदायिक बयान है, किसी भी वामपंथी-लिबरल के लिए यह एक सांप्रदायिक बयान है। लेकिन, मेरे लिए यह बयान राष्ट्रहित में दिया गया है।'

श्रद्धा हत्याकांड ने मानवता को हिला दिया है

श्रद्धा हत्याकांड ने मानवता को हिला दिया है

26 साल की श्रद्धा वाकर की हत्या के तरीके और उसके शव को सुनियोजित तरीके से बहुत ही ठंडे दिमाग का इस्तेमाल करते हुए हत्यारे ने जिस तरह से ठिकाने लगाया है, उसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। श्रद्धा के साथ इतनी क्रूरता करने का आरोप उसके लिव-इन-पार्टनर आफतताब पूनावाला पर है, जिससे इस हत्याकांड के राज उगलवाने के लिए दिल्ली पुलिस के बड़े-बड़े अफसरों, एक्सपर्ट को भी नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। श्रद्धा ने अपने पिता के मना करने के बावजूद जिस तरह से आफताब के प्रेम जाल में फंसकर अपना सबकुछ गंवा दिया, उससे पूरी मानवता स्तब्ध है।

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