शोपियां फायरिंग केस: मेजर आदित्‍य के खिलाफ जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

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नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज शोपियां फायरिंग केस में आर्मी ऑफिसर मेजर आदित्‍य के खिलाफ जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस की कार्रवाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। मेजर आदित्‍य के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल कर्मवीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मेजर आदित्‍य को बड़ी राहत प्रदान की। ले.कर्नल सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपने बेटे के खिलाफ जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस की ओर से याचिका को खारिज करने की मांग की थी। शोपियां में पिछले माह सेना की ओर से फायरिंग में तीन नागरिकों की मौत हो गई थी और इस केस में जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस ने 10 गढ़वाल के मेजर आदित्‍य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 

केंद्र और राज्‍य सरकार को नोटिस

केंद्र और राज्‍य सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्तों के अंदर सरकारों से अपना रुख इस पर साफ करने को कहा है। इसके अलावा इस फैसले की एक कॉपी को अटॉर्नी जनरल के ऑफिस में देने को कहा है। मेजर आदित्‍य के पिता ले.कर्नल सिंह की याचिका में कहा गया है कि 27 जनवरी को हुई इस घटना में फयरिंग करने का मकसद आतंकियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई से भीड़ को दूर रखना था ताकि ज्‍यादा नुकसान न होने पाए। इस फायरिंग के बाद जो एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज की गई है वह उनके बेटे के मौलिक अधिकारों का हनन करने वाली है।

मेजर आदित्‍य के खिलाफ नो एक्‍शन

मेजर आदित्‍य के खिलाफ नो एक्‍शन

भाटी ने बताया कि उनकी प्रार्थना पर कोर्ट ने फैसला किया कि मेजर आदित्‍य के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज की गई है उस पर कोई भी अनिवार्य एक्‍शन नहीं लिया जाएगा। भाटी के मुताबिक कोर्ट का यह फैसला एक सकारात्‍मक कदम है। मेजर आदित्‍य के पिता ले.कर्नल सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि इस तरह की एफआईआर से उन सैनिकों के मनोबल पर नकरात्‍मक असर पड़ता है जो खराब हालातों में अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं और देश के लिए अपनी जान गंवा रहे हैं। जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस ने मेजर आदित्‍य और उनकी यूनिट के खिलाफ धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

क्‍या थी पूरी घटना

क्‍या थी पूरी घटना

शोपियां के गान्‍वपोरा गांव में पत्‍थरबाजी करने वाली भीड़ पर सेना को गोलियां चलानी पड़ गई थीं। इस फायरिंग में जहां दो व्‍यक्तियों की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई तो तीसरे व्‍यक्ति ने अस्‍पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हत्‍या की जांच के आदेश भी दिए थे। इस याचिका को एडवोकेट ऐश्‍वर्य भाटी के जरिए दायर किया गया है। भाटी का कहला है कि घटना के समय जमीनी हालात काफी खराब थे और ऐसे में एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है। उन्‍होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है उसके पीछे राजनीतिक मंशा झलकती है। साथ ही एफआईआर यह बताने के लिए भी काफी है कि जम्‍मू कश्‍मीर में सेना को किस तरह के हालातों में काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है।

पूर्व सेनाध्‍यक्ष ने किया मेजर आदित्‍य का समर्थन

पूर्व सेनाध्‍यक्ष ने किया मेजर आदित्‍य का समर्थन

रविवार को पूर्व सेना प्रमुख रिटायर्ड जनरल वीपी मलिक ने मेजर आदित्‍य को अपना समर्थन देते हुए एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। वीपी मलिक का कहना है कि किसी भी जवान के पास अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। पूर्व सेनाध्‍यक्ष ने मेजर आदित्‍य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने वाले जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के फैसले को पूरी तरह से गलत करार दिया क्‍योंकि एफआईआर बिना किसी इन्‍क्‍वायारी के दायर की गई थी। इस बीच मानवाधिकार आयोग ने संयुक्‍त रक्षा सचिव का आदेश दिया है कि वह चार हफ्तों के अंदर रक्षा मंत्री से तथ्‍यामत्‍क रिपोर्ट लेकर उसके पास भेजे ताकि आयोग स्थितियों से अवगत हो सके।

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English summary
Supreme Court today will hear a plea filed by Lieutenant Colonel Karamveer Singh, father of Major Aditya in Shopian firing case.

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