पीएम नरेंद्र मोदी के लिए भगवान राम कानून से बड़े नहीं हैं- शिवसेना
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से राम मंदिर मुद्दे पर अपना बयान दिया है उसपर शिवसेना ने पलटवार किया है। शिवसेना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भगवान राम कानून से बड़े नहीं हैं। गौर करने वाली बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने साक्षात्कार में कहा कि सरकार कोर्ट के फैसले के बाद ही राम मंदिर निर्माण की दिशा में कोई कदम आगे बढ़ा सकती है। वहीं शिवसेना ने राम मंदिर निर्माण के लिए कानून की मांग की है। शिवसेना की ओर से कहा गया है कि यह मुद्दा दशकों से कोर्ट में है लेकिन आजतक इसपर फैसला नहीं आया।

पीएम मोदी ने साफ किया रुख
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट नेन साफ कर दिया है कि यह मामला जरूरी नहीं है, पीएम मोदी ने भी इस मसले पर अपना रुख साफ कर दिया है। मैं उन्हें इसके लिए बधाई देता हूं कि उन्होंने अपना रुख साफ किया। संजय राउत ने कहा कि पीएम ने कह दिया है कि वह अध्यादेश नहीं लाएंगे, भगवान राम का मंदिर संविधान से बड़ा नहीं है। आपको बता दें कि पीएम ने अपने साक्षात्कार में कहा था कि राम मंदिर मुद्दे पर पहले कोर्ट की प्रक्रिया पूरी हो जाने दीजिए, इसमे राजनीतिक दबाव डालने की जरूरत नहीं है।

भगवान के नाम पर झूठा वादा नहीं
पिछले कुछ दिनों में शिवसेना ने राम मंदिर निर्माण को लेकर अपना अभियान तेज कर दिया है। पिछले महीने शिवसेना ने पंधारपुर में विशाल रैली का आयोजन किया था, जिसमे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि भाजपा के सहयोगी दल भी राम मंदिर पर अपने रुख को साफ करें। उन्होंने कहा कि हम आपको अच्छे दिन, 15 लााख के जुमले के लिए माफ कर सकते हैं लेकिन अगर एक बार फिर से आप भगवान के नाम पर जुमला लेकर आए तो हम आपको सबक सिखाएंगे।

अध्यादेश की मांग
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम आपको झूठा वायदा नहीं करने देंगे। भगवान राम के नाम पर या किसी और हिंदू देवी देवता के नाम पर हम आपको झूठ नहीं फैलाने देंगे, गलत वायदा नहीं करने दे्गे। इससे पहले ठाकरे ने नवंबर माह में अयोध्या का भी दौरा किया था और राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग की थी।
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