कांग्रेस के 'वचन पत्र' पर शिवराज का जवाब, कहा- सरकारी दफ्तरों में लगती रहेंगी RSS की शाखाएं
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के सरकारी दफ्तरों में आरएसएस की शाखाएं लगती रहने की बात कही इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, संघ के हर आयोजन में कर्मचारियों के शामिल होने पर कोई पाबंदी नहीं होगी। शिवराज सिंह का यह बयान कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए उस वादे के बाद आया है जिसमें कांग्रेस ने आरएसएस की शाखाओं में सरकारी कर्मचारियों के जाने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।

कांग्रेस अहंकार में जी रही है
खरगोन जिले के बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के बेड़िया में बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में चुनावी सभा करने आए चौहान ने सोमवार को संघ को देशभक्तों का संगठन बताया और कहा कि सरकारी कर्मचारी ही नहीं, हर देशभक्त संघ की शाखा में जा सकता है। चौहान ने कहा, मैंने ही संघ की शाखा में जाने का प्रतिबंध हटाया था। कांग्रेस अहंकार में जी रही है, संघ के हर आयोजन में सभी को जाने की आगे भी छूट रहेगी।

बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, वह मैं था जिसने 2006 में आरएसएस शाखाओं में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों पर प्रतिबंध हटा लिया था। उन उन सभी नियमों को खत्म किया था, जो जो सरकारी कर्मचारियों को आरएसएस की बैठकों में भाग लेने से रोकते थे और यह राहत भविष्य में जारी रहेगी। दरअसल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र नें वादा किया था कि, सरकारी भवनों और उसके परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 'शाखा' नहीं चलाई जाएंगी। इसको लेकर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया था।

भाजपा जानबूझकर इस तरह के मुद्दों को हवा देकर जनता को भ्रमित करना चाहती है
इस वादे पर बवाल मचने के बाद कमलनाथ ने कहा कि हमने कभी नही कहा कि आरएसएस पर बैन लगाएंगे। भाजपा वाले अपने शब्द हमारे मुंह में डालना चाहते हैं। हमने केवल सरकारी कर्मचारियों के शाखा में जाने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है। आरएसएस को शाखाएं लगाने की पूरी छूट है। वहीं कांग्रेस की प्रदेश चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे पर कहा कि धर्म को राजनीति में नहीं लाना चाहिए। हमारा मकसद है राजनीति को धर्म से दूर रखना चाहिए। कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी राजनीतिक संगठन से नहीं जुड़े, इसलिये कांग्रेस ने इस मुद्दे को वचन पत्र (घोषणा पत्र) में शामिल किया है।












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