वीर सावरकर पर छिड़े विवाद पर शिवसेना नेता संजय राउत बोले- कभी भी उन्होंने अंग्रेजों से माफी नहीं मांगी
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। राजनीतिक दलों के बीच एक बार फिर विनायक दामोदर सावरकर उर्फ वीर सावरकर को लेकर बहस शुरू हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक दिन पहले ये दावा किया था स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर ने महात्मा गांधी के अनुरोध पर अंग्रेजों को दया याचिका लिखी थी। जिसके बाद AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने यहां तक कह दिया कि ये अब नया 'राष्ट्रपिता' बना देंगे। वहीं शिवसेना नेता संजय राउत भी इस बहस में शामिल हो चुके हैं।

बुधवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा वीर सावरकर (Veer Sawarkar) ने कभी भी अंग्रेजों से माफी नहीं मांगी। पुणे में मीडिया ने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वो हमारे आदर्श रहें हैं और रहेंगे। राउत ने कहा कि दस साल से अधिक समय तक जेल में रह चुके स्वतंत्रता सेनानीसावरकर यह सोचकर अपनी रणनीति बनाते थे कि जेल में रहने के बजाय वे बाहर निकलकर कुछ कर सकते हैं।
राउत ने कहा
जेल में सजा काटने के दौरान एक अलग रणनीति अपनाई जाती है। उन्होंने राजनाथ सिंह के बयान पर कहा कि"यदि सावरकर ने ऐसी रणनीति अपनाई थी, तो इसे माफी मांगना नहीं कह सकते। हो सकता है कि सावरकर ने ऐसी रणनीति अपनाई हो। सावरकर ने अंग्रेजों से कभी माफी नहीं मांगी।
बता दें सबसे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा था कि वीर सावरकर के खिलाफ आजादी के बाद से मुहिम चलाई जा रही है। वहीं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वीर सावरकर को एक कट्टर राष्ट्रवादी और 20वीं सदी में भारत का पहला सैन्य रणनीतिकार बताया था और कहा था कि
सावरकर ने खुद नहीं, बल्कि गांधी जी के कहने पर दया याचिका भेजी थी। मार्क्सवादी और लेनिनवादी विचारधारा के लोगों ने उन पर फासीवादी होने का गलत आरोप लगाया।
गौरतलब है कि शिवसेना नेता और उनकी पार्टी लंबे अरसे से वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की मां करती आई है। संजय राउत पहले भी कह चुके हैं कि हिंदुत्व के सिरमौर सावरकर हमेशा से उनकी पार्टी के लिये आदर्श रहे हैं।












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