NRC और CAA पर उद्धव ठाकरे खिलाफ, लेकिन समर्थन में उतरा पार्टी का ये दिग्गज नेता
मुंबई। संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर देश में मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकांश विपक्षी दल संशोधित नागरिकता कानून का जमकर विरोध कर रहे हैं और इसके खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं। विपक्षी दल इस कानून को संविधान के खिलाफ बता रहे हैं। हाल ही में बीजेपी से अलग होकर महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने वाली शिवसेना ने साफ कर दिया है महाराष्ट्र में इस कानून को लागू नहीं किया जाएगा। वहीं, पार्टी लाइन से अलग जाकर शिवसेना के एक सांसद संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के समर्थन में उतर आए हैं।

हेमंत पाटिल ने किया CAA और NRC का समर्थन
शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के संशोधित नागरिकता कानून के विरोध करने के बावजूद, उनकी पार्टी के ही सांसद हेमंत पाटिल ने इस एक्ट और एनआरसी के मुद्दे पर मोदी सरकार का समर्थन किया है। हिंगोली से शिवसेना सांसद ने जिला प्रशासन को इस संबंध में एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है, 'मैं सीएए और एनआरसी के समर्थन में रैली में शामिल नहीं हो सका क्योंकि मैं मीटिंग में व्यस्त था। मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।'

मैंने लोकसभा में इन मुद्दों का समर्थन किया- हेमंत पाटिल
पत्र में आगे सांसद ने लिखा है, 'मैंने लोकसभा में इन मुद्दों का समर्थन किया, शिवसेना हमेशा से हिंदुत्ववादी विचारधारा वाली पार्टी रही है, मैं इन दोनों मुद्दों का समर्थन करता हूं, इसलिए इस मुद्दे पर मैं पत्र लिख रहा हूं।' हेमंत पाटिल ने ये पत्र पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को नहीं बल्कि जिला प्रशासन को लिखा है। इसके पहले, शिवसेना प्रमुख ने कहा था कि वे महाराष्ट्र में संशोधित नागरिकता कानून को लागू नहीं करेंगे।

उद्धव ठाकरे ने किया है एक्ट का विरोध
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर शिवसेना ने कहा था कि वह प्रदेश में इस कानून को लागू नहीं करेगी। मुस्लिम नेताओं के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि मुस्लिमों को इसे लेकर डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में किसी भी समुदाय के लोगों को नागरिकता संशोधन कानून से डरने की जरूरत नहीं है। वहीं महाराष्ट्र सरकार के मंत्री बालासाहेब थोरट ने कहा था कि महाराष्ट्र धर्मनिरपेक्ष विचारधारा पर विश्वास रखती है।












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