कार्डिएक अरेस्ट बनी शेफाली जरीवाला के मौत की वजह? आसान भाषा में समझें हार्ट अटैक से कितनी अलग ये हेल्थ कंडीशन
Cardiac Arrest Heart Attack Key Difference: मशहूर म्यूजिक वीडियो 'कांटा लगा' से चर्चा में आईं अभिनेत्री और मॉडल शेफाली जरीवाला का 27 जून की रात मुंबई में निधन हो गया। घटना के वक्त वह अपने घर पर थीं। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनके पति और अभिनेता पाराग त्यागी ने तुरंत उन्हें अंधेरी स्थित बेलेव्यू मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शेफाली का अंतिम संस्कार शनिवार को मुंबई में किया गया। इस दौरान उनके करीबी रिश्तेदार और दोस्तों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। हालांकि अभी तक उनकी मौत की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार्डिएक अरेस्ट को ही उनकी मौत का संभावित कारण माना जा रहा है।

मुंबई पुलिस के अनुसार, सेफली का पोस्टमार्टम किया गया और उनकी मौत के कारण के बारे में राय सुरक्षित रखी गई है। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल भेजा गया था।
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बीते कुछ समय में हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट से जान गंवाने वालों लोगों की संख्या बढ़ गई है। हालांकि, कई बार हम दोनों ही चीजों को हार्ट अटैक समझ लेते हैं लेकिन हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट में काफी अंतर होता है। आइए आसन भाषा में समझते हैं हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट का बेसिक अंतर...
सीने में दर्द हर बार हार्ट अटैक नहीं होता
दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन हकीकत में ये दोनों अलग स्थितियां हैं। समझना जरूरी है कि कब हार्ट अटैक हो रहा है और कब कार्डिएक अरेस्ट, ताकि सही समय पर इलाज मिल सके और जान बचाई जा सके।
क्या होता है हार्ट अटैक?
जब दिल को खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है, तो हार्ट अटैक होता है। इस दौरान दिल को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे दिल की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है।
- धमनियों में ब्लॉकेज के कारण होता है
- व्यक्ति को होश रहता है
- सीने में दबाव या दर्द, पसीना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है
- इलाज मिलने पर बचाव संभव है
कार्डिएक अरेस्ट क्या होता है?
कार्डिएक अरेस्ट में दिल अचानक काम करना बंद कर देता है। दिल की धड़कन रुक जाती है और खून का बहाव पूरे शरीर में रुक जाता है, खासकर दिमाग में। इससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है और सांस भी बंद हो सकती है।
- दिल की इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी के कारण होता है
- व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है
- सांसें रुक जाती हैं
- तुरंत CPR और मेडिकल मदद जरूरी होती है
दोनों में क्या है मुख्य फर्क?
हार्ट अटैक में दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होता है, जबकि कार्डिएक अरेस्ट में दिल की धड़कन ही बंद हो जाती है। हार्ट अटैक में मरीज होश में रहता है, जबकि कार्डिएक अरेस्ट में वह बेहोश हो जाता है।
क्या हार्ट अटैक से कार्डिएक अरेस्ट हो सकता है?
हां, कई बार हार्ट अटैक की वजह से कार्डिएक अरेस्ट हो सकता है। लेकिन जरूरी नहीं कि हर हार्ट अटैक कार्डिएक अरेस्ट में बदले। इसलिए किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
दिल का रखें ख्याल
स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और तनाव से दूरी रखकर दिल की बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। साथ ही, हार्ट हेल्थ से जुड़ी जानकारी रखना भी जरूरी है ताकि समय पर पहचान हो सके और जान बचाई जा सके।
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