2014 में कांग्रेस-भाजपा मिलकर सरकार बनायें: शत्रुघ्न सिंहा

उन्होने उदाहरण दिया कि अगर डीएमके कांग्रेस से हाथ मिला सकती है, मुलायम कांग्रेस का समर्थन कर सकते हैं और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस दोनों के साथ गठबंधन कर सकती है तो फिर कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे से हाथ क्यों नहीं मिला सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो आर्थिक, रक्षा और विदेश मामलों में काम करने में आसानी होगी, साथ ही क्षेत्रीय पार्टियों के दबाव में भी नहीं रहना होगा। दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों में कुछ बातें एक जैसी हैं, जैसे दोनों के पास ज्ञानी और दूरदर्शी नेताओं की अच्छी संख्या है और इससे भ्रष्टाचार, गरीबी मिटाने और पारदर्शिता लाने में भी सहायता मिलेगी।
कभी नरेंद्र मोदी को भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने का विरोध करने वाले सिंहा ने कहा कि मोदी का 'इंडिया फर्स्ट' विजन बेहद प्रशंसनीय है। मैं खुद भी ऐसा कह रहा हूं। मेरे ख्याल से कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेताओं को इस बारे में सोंचना चाहिए।
यह पूछने पर कि अगर ऐसा होता है तो प्रधानमंत्री किस पार्टी का होगा, इस पर भाजपा नेता ने कहा कि जिस पार्टी के पास ज्यादा सीटें होंगी, उसी पार्टी के नेता को सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री चुना जाए, इससे हमारी राजनीतिक एकता का दुनिया में अच्छा संदेश जाएगा। अगर दोनों पार्टियों की सीटें बराबर हों तो पीएम पद के लिए रोटेशन पॉलिसी अपना सकते हैं।












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