'यूनिफॉर्म सिविल कोड' पर क्या है कांग्रेस की राय, क्यों हैं अब तक खामोश, शशि थरूर ने दिया जवाब
Shashi Tharoor On Uniform civil code (UCC): केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लाने पर विचार कर रही है। कांग्रेस इसे विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा द्वारा ध्यान भटकाने के तौर पर देख रही है।
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने 09 जुलाई को यूनिफॉर्म सिविल कोड पर कहा है कि सरकार ने अभी तक ड्राफ्ट नहीं रखा है, प्रस्ताव रखने के बाद ही कांग्रेस इसपर प्रतिक्रिया देगी।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक शशि थरूर ने कहा, ''एक चिंता है जो डर का आधार है कि विभिन्न समुदाय द्वारा मिले अधिकारों का हनन हो सकता है। हमें पहले यह देखना है कि आखिर सरकार का प्रस्ताव क्या है। सरकार ने अभी तक ड्राफ्ट नहीं रखा है और न ही हितधारकों के साथ किसी भी तरह की कोई चर्चा शुरू की है। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने फैसला लिया है कि वह तब तक कुछ नहीं कहेगी जब तक ड्राफ्ट सामने नहीं आता... हमें हिंदू कोड बिल लाने के लिए भी आजादी के बाद 9 साल लगे और इसलिए लोगों को समझाने में समय लगता है।''
पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यह एक ही बार में सभी अल्पसंख्यक समुदायों को नाराज कर देगा। आजाद ने जोर देकर कहा कि यूसीसी को लागू करना "अनुच्छेद 370 को रद्द करने जितना आसान" नहीं होगा क्योंकि इसमें सभी धर्म शामिल हैं।
यूनिफॉर्म सिविल कोड कानूनों के एक सामान्य समूह को संदर्भित करता है जो भारत के सभी धर्मों के नागरिकों पर लागू होता है। जो विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने सहित अन्य मामलों के लिए एक समान होगा।
यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना, दशकों से भाजपा के एजेंडे में रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्य प्रदेश की एक रैली में जोरदार वकालत करने के बाद इसे और बल मिला है।












Click it and Unblock the Notifications