Covid 19: यूके की ट्रैवल पॉलिसी पर भड़के थरूर-जयराम, कहा-'इससे नस्लवाद की बू आती है'
नई दिल्ली, 21 सितंबर। कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर और जयराम रमेश इन दिनों काफी गुस्से में हैं। उनका गुस्सा निकला है यूके सरकार की भारत के लिए बनाई गई कोविड ट्रैवल नीति पर, जिसमें कहा गया है कि भारत, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका से कोरोना का टीका लगाए गए लोगों को यूके में करीब दस दिन क्वांरटीन रहना पड़ेगा और उन्हें कोरोना टेस्ट कराना होगा।
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थरूर को इस बात इतना गुस्सा आया है कि उन्होंने कैम्ब्रिज यूनियन में होने वाले 'द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग इवेंट' से अपना नाम वापस ले लिया है और इस बारे में एक ट्वीट भी किया है। उन्होंने यूके के न्यूज एनलिटिक एलेक्स मैकेरास के ट्वीट को कोड करते हुए लिखा कि 'पूरी तरह से वैक्सीनेटड लोगों को दस दिन क्वांरटीन में रखना सरासर गलत है, ये दूसरे देशों की कोविड पॉलिसी पर प्रश्नचिह्न लगाना है। इसी कारण मैं द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग इवेंट से अपना नाम वापस लेता हूं।'

थरूर की तरह राज्यसभा कांग्रेस एमपी जयराम रमेश ने भी यूके पर गुस्सा निकाला है। उन्होंने भी ट्वीट किया है कि 'ये तो बड़ा ही अजब-गजब फैसला है। इस फैसले से नस्लवाद की बू आती है। सबको पता है कि कोविशील्ड को मूल रूप से यूके में विकसित किया गया था और सीरम इंस्टीट्यूट ने उसकी आपूर्ति की, इस तरह का फैसला सिर्फ परेशानी पैदा करने वाला है।'

आपको बता दें कि ब्रिटेन ने अपने कोरोना यात्रा नियमों में काफी चेंज किए हैं। उसने कोविशील्ड वैक्सीन पर एक तरह से उंगली उठा दी है। दरअसल यूके ने उन लोगों 'अनवैक्सीनेटेड' कैटेगरी में रख दिया है, जिन्होंने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई है। यही नहीं यूके की ट्रेवल लिस्ट में रेड, एम्बर और ग्रीन कलर तीन कैटेगरी रखी गई है। इंडिया को एम्बर लिस्ट में जगह दी गई है। जिसका मतलब ये है कि जो भारतीय कोविशील्ड लगवाए हैं, उन्हें यूके में आइसोलेशन में रहना होगा और उन्हें 'अनवैक्सीनेटेड' ही माना जाएगा। यूके की इस लिस्ट से सबसे ज्यादा परेशान छात्र हैं, उन्होंने भी इसे भदभाव करार दिया है क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय संघ के यात्रियों पर ये नियम लागू नहीं है।












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