औरतों पर ओछी टिप्पणियां करने के लिए बदनाम शरद यादव
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला) जेडीयू नेता शरद यादव के बारे में यह मत सोचिए कि वे औरतों पर पहली बार टुच्ची बयानबाजी की है। वे पहले भी कर चुके हैं। शरद यादव ने कुछ साल पहले महिला आरक्षण के विरोध में कहा था कि यह बिल केवल "पर कटी" औरतों के लिए है ! उनकी इस शर्मनाक चिप्पणी पर तब काफी बवाल मचा था। महिला संगठनों ने उनकी तीखी निंदा की थी। पर इस बार उनका विरोध हो रहा है।
अब पिछले गुरुवार को राज्य सभा में बीमा बिल पर चर्चा के दौरान शरद यादव ने अचानक से साउथ की महिलाओं का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि साउथ की महिलाओं का रंग तो सांवला होता है लेकिन उनकी बॉडी तो काफी खूबसूरत होती है। शरद यादव इस तरह की टिप्पणी करेंगे।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की जुबान तो बार-बार फिसलती है। उनका बयान भी पढ़ लें। उन्होंने कहा,अरविन्द केजरीवाल राखी सावंत जैसे लगते हैं, दोनों "ट्राई और एक्सपोज" करते हैं।
कांग्रेस के सांसद रहे संजय निरुपम ने स्मृति ईरानी को लेकर कहा था, चार दिन हुए राजनीति में आये हुए और आप राजनीतिक विश्लेषक बन गयीं।आप तो टी.वी. पर ठुमके लगाती थी,अब चुनावी विश्लेषक बन गयीं।
समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने महिला आरक्षण के विरोध में कहा था,यदि महिला आरक्षण बिल इस स्वरुप में पास हुआ तो संसद में उद्योगपतियों एवं नौकरशाहों की पत्नियों की बाढ़ आ जायेगी। तब युवा छेड़छाड़ करने के लिए उत्तेजित होंगे।
इस लिहाज से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कम नहीं हैं। उन्होंने एक बार कहा था, बलात्कार इसलिए होते हैं की आज के दौर में पुरुष और महिलाओं के रिश्ते में अधिक खुलापन आ गया है! वरिष्ठ पत्रकार सुजाता शकील कहती हैं कि हमारे नेता वास्तव में औरतों का सम्मान नहीं करते।













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