कंगना के खिलाफ हुई कार्रवाई पर शरद पवार ने पहले उठाए सवाल, अब यू-टर्न लेते हुए कही ये बात
नई दिल्ली: सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से बॉलीवुड में हंगामा जारी है। इस बीच कंगना रनौत शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार पर भी हमलावर हो गईं। बाद में शिवसेना नेताओं ने भी कंगना को जमकर उल्टा सीधा बोला। बुधवार को इस मामले में नया मोड़ आया और बीएमसी ने कंगना के बांद्रा स्थित दफ्तर के कुछ हिस्से को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। जिस पर अब सरकार के सहयोगी एनसीपी प्रमुख शरद पवार का बयान सामने आया है।
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'सरकार का लेना-देना नहीं'
कंगना के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बोलते हुए शरद पवार ने कहा कि ये निर्णय बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने लिया था। इस फैसले के पीछे राज्य सरकार की कोई मंशा नहीं थी। बीएमसी ने सिर्फ अपने नियमों का पालन किया। इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि पवार कंगना पर हुई कार्रवाई से नाराज हैं। उन्होंने सीएम उद्धव को कंगना के बयानों को नजरअंदाज करने की सलाह दी थी।

शरद पवार को लेकर कंगना ने कही ये बात
आपको बता दें कि दफ्तर पर कार्रवाई के बाद कंगना ने कहा था कि ये सिर्फ मेरे फ्लैट का मुद्दा नहीं है बल्कि एक इमारत का मुद्दा है, यह इमारत शरद पवार से संबंधित है, हमने उनके हिस्सेदार से फ्लैट खरीदा है, इसलिए वे इसके लिए जवाबदेह हैं, मैं नहीं।

पवार ने दी थी सफाई
कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने कहा कि उनके दावों में कोई सच्चाई नहीं है, वो बिना आधार के ही बहुत कुछ कह रही हैं। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खैर मेरी इच्छा तो यही है कि कोई मेरे नाम पर एक बिल्डिंग का नाम रख ले। वहीं दूसरी ओर शरद पवार ने सरकार और शिवसेना से कंगना के बयानों को नजरअंदाज करने को कहा है।

'कंगना को दिया बोलने का मौका'
एनसीपी चीफ शरद पवार ने बुधवार को कहा था कि बीएमसी की कार्रवाई ने कंगना रनौत को बोलने का मौका दे दिया है। पवार ने कहा कि, मुंबई में कई अन्य अवैध निर्माण हैं। यह देखने की जरूरत है कि बीएमसी के अधिकारियों ने यह निर्णय क्यों लिया?












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