IAS की नौकरी छोड़ी,संभाली देश की तिजोरी! कौन हैं PM मोदी के 'संकटमोचक' शक्तिकांत दास,बनेंगे अगले वित्त मंत्री?
Shaktikanta Das Profile: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि 28 या 29 जून को होने वाले इस बदलाव में कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। जबकि कुछ नए चेहरों को भी जिम्मेदारी मिल सकती है। इन्हीं चर्चाओं के बीच एक नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, वह है पूर्व RBI गवर्नर और वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) का।
आर्थिक मामलों में लंबे अनुभव, सरकार के अहम फैसलों में बड़ी भूमिका और मजबूत प्रशासनिक रिकॉर्ड की वजह से उनका नाम संभावित वित्त मंत्री के तौर पर सामने आ रहा है। यदि ऐसा होता है तो वह भारतीय आर्थिक इतिहास में एक खास उपलब्धि हासिल करने वाले चुनिंदा लोगों की सूची में शामिल हो जाएंगे।

कौन हैं शक्तिकांत दास? (Who is Shaktikanta Das)
शक्तिकांत दास का जन्म 26 फरवरी 1957 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई भुवनेश्वर के डेमोंस्ट्रेशन मल्टीपर्पस स्कूल में हुई। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आए और सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास विषय में स्नातक और परास्नातक की डिग्री हासिल की। आगे चलकर उन्होंने ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया।
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1980 बैच के IAS अधिकारी
शक्तिकांत दास 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। करीब 37 साल के प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। तमिलनाडु में सेवाकाल के दौरान वह डिंडिगुल और कांचीपुरम के जिलाधिकारी भी रहे। इतिहास की पढ़ाई करने के बावजूद उनका अधिकांश प्रशासनिक अनुभव वित्त और आर्थिक मामलों से जुड़ा रहा।

वित्त मंत्रालय में निभाई अहम भूमिका
केंद्र सरकार में रहते हुए शक्तिकांत दास ने राजस्व सचिव और आर्थिक मामलों के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले। वह वित्त मंत्रालय में आठ केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा रहे। कर व्यवस्था, निवेश, सरकारी वित्त और अर्थव्यवस्था से जुड़े मामलों में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। इसी अनुभव ने उन्हें देश के प्रमुख आर्थिक नीति निर्माताओं में शामिल किया।
RBI गवर्नर के रूप में रहा सफल कार्यकाल
दिसंबर 2018 में शक्तिकांत दास को भारतीय रिजर्व बैंक का 25वां गवर्नर बनाया गया। उन्होंने दिसंबर 2024 तक इस पद पर काम किया। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था ने कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उनकी नीतियों और फैसलों की देश और विदेश में सराहना हुई। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'A+' रेटिंग और कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिले।
प्रधानमंत्री के भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल
RBI से सेवानिवृत्त होने के बाद फरवरी 2025 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया। इससे पहले भी वह केंद्र सरकार के कई अहम फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा चुके थे। वर्ष 2016 की नोटबंदी और कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक प्रबंधन और संकट से निपटने में उनके काम को काफी अहम माना गया। सरकार और रिजर्व बैंक के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की उनकी क्षमता ने उन्हें प्रधानमंत्री के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल किया।

क्या बन सकते हैं देश के अगले वित्त मंत्री?
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच शक्तिकांत दास का नाम वित्त मंत्री के रूप में सामने आ रहा है। यदि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती है तो वह पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और सीडी देशमुख के बाद ऐसे तीसरे पूर्व आरबीआई गवर्नर होंगे, जो देश के वित्त मंत्री बनेंगे।
- सीडी देशमुख 1943 से 1949 तक आरबीआई के पहले भारतीय गवर्नर रहे और बाद में 1950 से 1956 तक वित्त मंत्री बने।
- वहीं डॉ. मनमोहन सिंह 1982 से 1985 तक आरबीआई गवर्नर रहने के बाद 1991 से 1996 तक वित्त मंत्री और फिर 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।
संसद सदस्य नहीं हैं शक्तिकांत दास
फिलहाल शक्तिकांत दास संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संविधान के अनुसार यदि उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जाता है तो उन्हें छह महीने के भीतर लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनना होगा। राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेज सकती है। नवंबर 2026 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटें खाली होने वाली हैं, जिन्हें इस लिहाज से एक संभावित विकल्प माना जा रहा है।
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