Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में तबाही और मौत का मंजर, रिफाइनरियों पर असर, भारत में महंगा होगा Petrol?
Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए दो विनाशकारी भूकंपों ने पूरे देश में बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। इस आपदा में अब तक 235 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और देश में इमरजेंसी लागू है। इसके बाद दुनिया भर में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस भूकंप का असर कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ेगा और क्या भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।
तेल उत्पादन पर कितना असर पड़ा?
24 जून को वेनेजुएला में सिर्फ 39 सेकंड के अंदर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंप आए। इन झटकों ने राजधानी कराकस और देश के उत्तरी तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। लेकिन वेनेजुएला का सबसे बड़ा तेल उत्पादन क्षेत्र ओरिनोको हेवी ऑयल बेल्ट दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है। यहां से हर दिन करीब 1.2 मिलियन बैरल कच्चे तेल का उत्पादन होता है। यह इलाका भूकंप वाले क्षेत्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर है, इसलिए यहां तेल उत्पादन सामान्य रूप से जारी है।

रिफाइनरी को नुकसान, लेकिन निर्यात जारी
भूकंप के बाद सरकारी तेल कंपनी PDVSA ने बताया कि तेल टैंकरों की लोडिंग अभी भी जारी है। हालांकि, एल पालिटो (El Palito) रिफाइनरी और कुछ पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को नुकसान पहुंचा है। बिजली बाधित होने की वजह से वहां उत्पादन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
इसके अलावा समुद्र के नीचे मौजूद पाइपलाइन, जेटी और लोडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है। जब तक इंजीनियर पूरी जांच पूरी नहीं कर लेते, तब तक कुछ बंदरगाहों पर तेल की लोडिंग सीमित रहेगी। इससे कुछ जहाजों को इंतजार करना पड़ सकता है और शिपिंग लागत बढ़ सकती है।
भारत के लिए क्यों जरूरी है वेनेजुएला का तेल?
पिछले एक साल में भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया है। पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे के कारण भारतीय रिफाइनरियों ने नए स्रोतों से तेल खरीदना शुरू किया है। वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल भारत की आधुनिक रिफाइनरियों के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक FY 2025-26 में भारत का औसत मासिक आयात 64.027 TMT था, जबकि अप्रैल-मई 2026 (FY 2026-27) में यह बढ़कर 1047.148 TMT पहुंच गया। यानी भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीद में बड़ी बढ़ोतरी की है।
क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल और डीजल?
फिलहाल भारतीय उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। भारत करीब 40 देशों से कच्चा तेल खरीदता है। अगर वेनेजुएला से सप्लाई कुछ दिन धीमी भी होती है, तो भारतीय कंपनियां आसानी से रूस के उराल्स क्रूड या खाड़ी देशों के अन्य भारी कच्चे तेल का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी जैसी कंपनियां पहले से कई विकल्पों पर काम करती हैं। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल पर नहीं, बल्कि टैक्स और तेल कंपनियों की कीमत तय करने की नीति पर भी निर्भर करती हैं।
फिलहाल भारत पर नहीं दिख रहा बड़ा असर
वेनेजुएला का भूकंप एक बड़ी मानवीय त्रासदी जरूर है, लेकिन फिलहाल इसके कारण भारत में तेल की सप्लाई रुकने या पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। तेल उत्पादन लगभग सामान्य है और दुनिया के बाजार में भारत के पास कई वैकल्पिक स्रोत मौजूद हैं। इसलिए मौजूदा स्थिति में भारतीय ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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