BCCI पर उठे सवाल, चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले रोहित और वर्ल्ड कप विनर सूर्या को कप्तानी से हटाना कितना सही?
IND vs IRE Highlights BCCI Troll: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बदलावों और कप्तानी के फैसलों को लेकर क्रिकेट गलियारों में एक गंभीर बहस छिड़ गई है। क्रिकेट फैंस और विश्लेषकों का मानना है कि देश के लिए प्रतिष्ठित आईसीसी (ICC) ट्रॉफी जीतने वाले कप्तानों के साथ प्रशासनिक स्तर पर अन्याय किया जा रहा है। पिछले दो सालों में भारत को तीन आईसीसी खिताब दिलाने वाले रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के साथ हुए हालिया घटनाक्रमों ने बोर्ड के विजन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीसीसीआई के फैसले पर उठे सवाल? (IND vs IRE Highlights BCCI Troll)
हाल ही में नियमित कप्तानों को हटाकर सौंपे गए नए नेतृत्व में भारतीय टीम को मिली लगातार हारों ने इस तकनीकी असंतोष को और हवा दे दी है। किसी भी सफल और चैंपियन कप्तान को बिना किसी बड़े तकनीकी या फॉर्म संबंधी कारण के नेतृत्व से दूर करना ड्रेसिंग रूम के आत्मविश्वास और ऑन-फील्ड रणनीतियों को पूरी तरह प्रभावित करता है।

रोहित शर्मा ने जिताई चैंपियंस ट्रॉफी, हटाते ही भारत हारा वनडे सीरीज
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में से एक रोहित शर्मा के साथ हुआ बदलाव पहला उदाहरण है। रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। इसके ठीक बाद उन्हें प्रशासनिक बदलावों की दलील देकर कप्तानी से मुक्त कर दिया गया। रोहित के हटते ही शुभमन गिल को भारतीय वनडे टीम की कमान सौंपी गई। नतीजतन, मजबूत संयोजन वाली भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार एकदिवसीय (ODI) सीरीज में करारी हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम का तकनीकी संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।
सूर्या ने दिलाया टी-20 वर्ल्ड कप, हटते ही आयरलैंड जैसी टीम से मिली हार
दूसरा और सबसे ताजा प्रशासनिक उदाहरण मध्यक्रम के स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव का है। सूर्यकुमार यादव ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी चतुर कप्तानी और बेहतरीन रणनीतियों के दम पर भारत को विश्व विजेता बनाया। वर्ल्ड कप जीतने के ठीक बाद उन्हें न केवल कप्तानी से हटाया गया, बल्कि टीम कॉम्बिनेशन के नाम पर सीनियर टीम के मुख्य चयन से भी दूर रखा गया। परिणाम सबके सामने है।
मुख्य कोच गौतम गंभीर और नए कप्तान श्रेयस अय्यर के रणनीतिक युग की शुरुआत होते ही भारतीय टीम को बेलफास्ट में आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ 34 रनों से अपनी पहली ऐतिहासिक हार झेलनी पड़ी। आईसीसी टूर्नामेंट्स जैसे बड़े मंचों पर दबाव को झेलने और मैच जिताने वाले कप्तानों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। ट्रांजिशन के नाम पर चैंपियन खिलाड़ियों को अचानक दरकिनार करने की प्रशासनिक जल्दबाजी टीम के ऑन-फील्ड प्रदर्शन को नुकसान पहुंचा रही है।















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