IND vs IRE 1st T20I: वर्ल्ड चैंपियन भारत की हुई ये कैसी दुर्दशा! ऐसी उम्मीद तो श्रेयस अय्यर ने भी नहीं की होगी
IND vs IRE Highlights: भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम को नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में अपने पहले ही मुकाबले में बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब मैदान पर शुक्रवार को खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आयरलैंड ने भारत को 34 रनों से हराकर क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।
वैभव को नहीं खिलाना पड़ा भारी? (IND vs IRE Highlights)
183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और महज 148 रनों पर ऑलआउट हो गई। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका है जब आयरलैंड ने भारत को शिकस्त दी है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच चला आ रहा भारत का अजेय रिकॉर्ड भी टूट गया। इस शर्मनाक हार के पीछे दो सबसे बड़े कारण रहे। पहला, टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव को अचानक कप्तानी से हटाना और दूसरा, प्रचंड फॉर्म में चल रहे 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 से बाहर रखना।

'सूर्या' को हटाते ही बिखरी टीम
वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के ठीक बाद सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाकर श्रेयस अय्यर को कमान सौंपना जल्दबाजी में लिया गया फैसला माना जा रहा है। मिडिल ऑर्डर में संकट के समय टीम को संभालने वाले सूर्या की कमी साफ खली। खुद नए कप्तान श्रेयस अय्यर भारी दबाव में दिखे और महज 7 गेंदों में केवल 3 रन बनाकर चलते बने।
वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखना पड़ा भारी
मैच से पहले सबसे ज्यादा चर्चा आईपीएल 2026 में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीतने वाले और हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ महज 11 गेंदों पर अर्धशतक जड़ने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की थी। लेकिन टीम मैनेजमेंट ने 'अनुभव और निरंतरता' की दलील देकर उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया, जो तकनीकी रूप से सबसे बड़ी भूल साबित हुई।
सीनियर बल्लेबाजों का फ्लॉप प्रदर्शन
संजू सैमसन (5 रन) और ईशान किशन (1 रन) जैसे अनुभवी खिलाड़ी आयरलैंड के नए गेंदबाजों के सामने पूरी तरह असहाय दिखे। बैटिंग कोच सितांशु कोटक का यह तर्क कि 'पहले से रन बना रहे सीनियर को ड्रॉप करना नाइंसाफी होगी', टीम पर भारी पड़ा। मैनेजमेंट ने यह नजरअंदाज कर दिया कि टी-20 जैसे गतिशील फॉर्मेट में 'सीनियरिटी' से ज्यादा महत्वपूर्ण 'करंट फॉर्म' और 'इम्पैक्ट' होता है। वैभव जिस आक्रामक फॉर्म में थे, वे पावरप्ले में मैच का रुख बदल सकते थे, लेकिन उन्हें बेंच पर बैठाकर भारत ने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली।
अभिषेक शर्मा का पचासा बेकार
सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने जरूर 19 गेंदों में 50 रनों (7 चौके, 2 छक्के) की आक्रामक पारी खेलकर टीम को संभाला था, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। तिलक वर्मा (19) और वाशिंगटन सुंदर (9) ने तकनीकी गलतियां कीं। अंत में शिवम दुबे (25) भी भारतीय मूल के आयरिश गेंदबाज जय मूंद्रा का शिकार बन गए। पूरी टीम मिलकर 182 रन के जवाब में सिर्फ 148 रन ही बना सकी और मैच 34 रनों से गंवा बैठी।















Click it and Unblock the Notifications