• search
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    शाहकोट उपचुनाव 2018: जीत से और ज्यादा 'ताकतवर' होंगे कैप्टन अमरिंदर सिंह

    |

    शाहकोट। पंजाब विधानसभा की शाहकोट सीट के उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस पार्टी (खासकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्दर सिंह) के लिए नई ऊर्जा लेकर आए हैं। पंजाब की राजनीति में कैप्टन ताकतवर नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। बेशक इससे अमरिंदर सिंह का नेतृत्व मजबूत हुआ और उन्होंने एक बार फिर खुद को स्थापित किया है।

    शाहकोट जीत सीएम अमरिंदर के लिए थी बेहद अहम

    शाहकोट जीत सीएम अमरिंदर के लिए थी बेहद अहम

    चुनावों से पहले पंजाब में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान जिस तरीके से पार्टी में बगावत के स्वर उभरे थे। इसके बाद से शाहकोट में चुनावी जीत कैप्टन के लिए काफी अहम थी। हालांकि शुरू में उन्होंने चुनाव प्रचार में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। यहां तक कि प्रचार के दौरान कैप्टन मनाली में छुट्टियां मनाने चले गये। लेकिन फिर भी उनके प्रयासों से अकाली-भाजपा गठबंधन के साथ-साथ आम आदमी पार्टी को भी करारी शिकस्त मिली। जिससे कैप्टन अब मजबूत हुए हैं। लिहजा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह अब कई महत्वपूर्ण फैसले अपनी मनमर्जी से ले सकेंगे। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा मंत्रियों के साथ लेजिस्टलेटिव असिस्टैंट्स की नियुक्तियां करने का है।

    शाहकोट उपचुनाव के कारण लटका था लेजिस्टलेटिव असिस्टेंट्स की नियुक्तियों का काम

    शाहकोट उपचुनाव के कारण लटका था लेजिस्टलेटिव असिस्टेंट्स की नियुक्तियों का काम

    लेजिस्टलेटिव असिस्टेंट्स की नियुक्तियों का कार्य शाहकोट उपचुनाव के कारण पिछले एक महीनें से रुका हुआ था। मुख्यमंत्री ने लेजिस्टलेटिव असिस्टेंट्स की नियुक्तियां करने के संबंध में राज्य के कानूनी विभाग से रिपोर्ट भी प्राप्त कर ली है तथा इन पदों को लाभ वाले पदों से अलग कर दिया गया है। पंजाब में लेजिस्टलेटिव असिस्टेंट्स के पदों को लाभ वाले पदों से अलग करने का उद्देश्य यह था कि कहीं कल को कोई व्यक्ति अगर अदालत में जाता है तो उस स्थिति में सरकार के फैसले पर कोई आंच न आए।

    16 से 20 लेजिस्लेटिव असिस्टेंट्स की नियुक्तियां हैं प्रस्तावित

    16 से 20 लेजिस्लेटिव असिस्टेंट्स की नियुक्तियां हैं प्रस्तावित

    बताया जाता है कि 16 से 20 लेजिस्टलेटिव असिस्टेंट्स की नियुक्तियां प्रस्तावित हैं तथा इस संबंध में मुख्यमंत्री ने संबंधित विधायकों की सूचियां भी तैयार कर ली हैं। इन विधायकों को मंत्रियों के साथ जोडने का उद्देश्य यह रहेगा कि उन्हें सरकारी कामकाज का अनुभव प्राप्त हो सकेगा तथा भविष्य में वह भी मंत्री पदों के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे।

    अधिक हिमाचल प्रदेश समाचारView All

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Shahkot bypoll 2018 win will improve congress
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more