दिल्ली हिंसा में घायल हुए डीसीपी अमित शर्मा खतरे से बाहर, बीती रात हुई सर्जरी
नई दिल्ली। दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक हेड कॉन्सटेबल समेत सात लोगों की मौत हो गई है। इस हिंसा के दौरान शहादरा डीसीपी अमित शर्मा घायल हो गए थे। दो समुदायों के बीच गोकुलपुरी में जब झड़प हो रही थी तब शर्मा ड्यूटी पर मौजूद थे। घायल होने के बाद वो बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बीती रात उनकी सर्जरी हुई है। बताया जा रहा है कि आज सुबह उनका सीटी स्कैन हुआ है और अब वह खतरे से बाहर हैं।

बता दें उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में हिंसा की जो आग भड़की, वह धीरे-धीरे दूसरे इलाकों में भी फैलती जा रही है। सोमवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में जमकर हिंसा हुई, मंगलवार को भी ये जारी है। इसमें 5 लोगों की मौत हुई है, जबकि 100 से ज्यादा घायल हुए हैं। उत्तरपूर्वी दिल्ली में जाफराबाद, मौजपुर और भजनपुरा में भी हिंसा देखने को मिली है।
दिल्ली में आगजनी और हिंसा के कारण दिल्ली की पिंक लाइन के कई स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। जाफराबाद, गोकलपुर, बाबरपुर, शिव विहार और जोहरी एन्कलेव मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। ये बवाल और हिंसा पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद से शुरु हुआ, जिसके बाद आज कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए।
हिंसा में अपनी जान गंवाने वाले हेड कॉन्सटेबल रतन लाल की बात करें तो वह सहायक पुलिस आयुक्त के कार्यालय से जुड़े हुए थे। वह मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी पूनम, दो बेटी और एक 9 साल का बेटा है। तीनों बच्चे अभी छोटे हैं और उनकी पढ़ाई चल रही है।
रतन लाल के मौत की जानकारी मिलते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'पुलिस हेड कॉन्सटेबल की मौत बेहद दुःखदायी है। वो भी हम सब में से एक थे। कृपया हिंसा त्याग दीजिए। इससे किसी का फायदा नहीं। शांति से ही सभी समस्याओं का हल निकलेगा'। हालांकि केजरीवाल ने अभी तक किसी तरह की सहायता राशि की घोषणा नहीं की है।












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