अपनी आंखों के सामने बदलवाता था कपड़े, मना करने पर छत से फेंकने की धमकी देता था सीरियल रेपिस्ट
लड़कियों ने बताया कि आरोपी ने उन्हें अंधेरे कमरे में बंद कर दिया था और वहां उन्हें गलत ढंग से छू रहा था। हालांकि वे वहां से भागने में कामयाब रहीं और राह चलते लोगों से मदद की गुहार लगाई।
नई दिल्ली। बीते 12 सालों में 500 से ज्यादा लड़कियों से दरिंदगी करने वाले सुनील रस्तोगी को लेकर एक के बाद बड़े खुलासे हो रहे हैं। आरोपी ने कई लड़कियों को अपने सामने नए कपड़े पहनने को मजबूर किया था। जिन लड़कियों ने ऐसा करने से मना किया उसने उन्हें छत से नीचे फेंकने की धमकी दी। दिल्ली पुलिस को तीन महिलाओं ने ऐसे बयान दिए हैं। महिलाओं ने बताया कि साल 2006 में जब वारदात हुई तब वे नाबालिग थीं। परिवार और अपनी जान के डर की वजह उन्होंने इस बारे में तब किसी को कुछ नहीं बताया था।

ज्यादातर चुनता था ऐसी जगहें
पुलिस के मुताबिक, जिन दो नाबालिग लड़कियों को आरोपी ने 12 जनवरी को अगवा किया था उन्होंने भी उसके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। लड़कियों ने बताया कि आरोपी ने उन्हें अंधेरे कमरे में बंद कर दिया था और वहां उन्हें गलत ढंग से छू रहा था। हालांकि वे वहां से भागने में कामयाब रहीं और राह चलते लोगों से मदद की गुहार लगाई। आरोपी ने उन दोनों का गला घोंटने की कोशिश भी की थी। मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया, 'रस्तोगी ने हमेशा ऐसी जगहें चुनीं जहां कम लोग आते-जाते थे। उसने ज्यादातर निर्माणाधीन इमारतों और खाली घरों को चुना। जब उसे ऐसी जगहें नहीं मिलती थीं तो वह लड़कियों को उन जगहों पर ले जाता था जहां ज्यादातर बैचलर या छात्र रहते हैं। वह दोपहर के समय ऐसी वारदातों को अंजाम देता था इसलिए किसी के आने की संभावनाएं कम होते थीं और वह हर बार भागने में कामयाब रहता था।' READ ALSO: 12 साल में 500 से ज्यादा लड़कियों का उत्पीड़न करने वाले टेलर का कबूलनामा
जमानत पर रिहा हुआ और हो गया अंडरग्राउंड
साल 2004 तक दिल्ली में रहने वाला रस्तोगी पहली बार 2006 में उत्तराखंड के रुद्रपुर में गिरफ्तार हुआ था। बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया। 2016 में उसके खिलाफ एक बार फिर रुद्रपुर में केस दर्ज किया गया। रस्तोगी ने दावा किया है कि वह 2004 से ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहा है लेकिन अब तक कोई महिला शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आई है। पुलिस ने बताया कि 2016 में उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था और वह एक बार फिर जमानत पर रिहा हो गया। अगली सुनवाई में वह जेल जाने के बजाय अंडरग्राउंड हो गया। 13 दिसंबर 2016 को उसने न्यू अशोक नगर में एक लड़की से छेड़छाड़ की कोशिश की। इस मामले की जांच चल ही रही थी कि आरोपी ने 12 जनवरी को दो और लड़कियों को वैसे ही अगवा करके वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। लेकिन इस घटना के बाद वह फंस गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। READ ALSO: लड़कियों को बिना कपड़ों के नहाने को मजबूर करता था टीचर












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