12 साल में 500 से ज्यादा लड़कियों का उत्पीड़न करने वाले टेलर का कबूलनामा
साल 2004 में दिल्ली के मयूर विहार में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की कोशिश करने वाले रस्तोगी को उसके परिवार समेत इलाके से भगा दिया गया था। उसकी जमकर पिटाई भी हुई थी।
नई दिल्ली। एक हैरान कर देने वाले खुलासे में 38 साल के एक टेलर ने बताया है कि 12 साल में उसने 500 से ज्यादा लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया है। टेलर को दिल्ली पुलिस ने दो लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुनील रस्तोगी ने खुद कबूल किया है कि उसने इस दौरान करीब 2500 नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ की कोशिश की और साल 2006 में ऐसे ही आरोप के चलते एक बार उत्तराखंड के रुद्रपुर में छह महीने के लिए जेल भी जा चुका है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लड़कियों को निशाना बनाया। वह ज्यादातर उन लड़कियों को निशाने पर लेता था जो स्कूल से घर लौट रही होती थीं। वह ईस्ट दिल्ली में कुछ समय टेलर का काम करता था और अक्सर उसी इलाके में काम ढूंढ़ने के बहाने आता था।

2004 में पहली बार फंसा था
दिल्ली पुलिस ने रस्तोगी को छह मामलों में जोड़ा है। जिनमें से तीन दिल्ली में, दो रुद्रपुर और एक बिलासपुर जिले में है। यह हैरानी की बात है कि एक सीरियल अपराधी इतने सालों तक कैसे खुले आम घूमता रहा, जबकि उसके खिलाफ केस भी हो चुका है। साल 2004 में दिल्ली के मयूर विहार में एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की कोशिश करने वाले रस्तोगी को उसके परिवार समेत इलाके से भगा दिया गया था। उसकी जमकर पिटाई भी हुई थी। 13 दिसंबर को स्कूल से घर लौट रही 10 साल की लड़की से छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद से ही रस्तोगी की तलाश चल रही थी। बच्ची ने घरवालों को इस बारे में कुछ नहीं बताया था लेकिन उसके व्यवहार को देखते हुए उन्होंने उससे प्यार से पूछा तो उसने सारी घटना की जानकारी दी। READ ALSO: मेघालय में गृहमंत्री के घर तक पहुंची सेक्स रैकेट की आंच
12 जनवरी को दो लड़कियों से छेड़छाड़ की कोशिश
लड़की की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश कर ही रही थी कि 12 जनवरी को न्यू अशोक नगर इलाके में भी ठीक उसी तरह दो लड़कियों के अपहरण का मामला सामने आया। 9 और 10 साल की दोनों लड़कियां ट्यूशन क्लास से घर लौट रही थीं। रस्तोगी ने उन्हे नए कपड़े दिलाने का लालच दिया। वह उन्हें एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के निचले हिस्से में ले गया और छेड़छाड़ की कोशिश की। हालांकि लड़कियों ने शोर मचाया तो वह भाग खड़ा हुआ। डीसीपी ईस्ट ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया, 'हमने न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर संदीप की अगुवाई में एक टीम गठित की थी, जिसके बाद रस्तोगी को कोंडली से गिरफ्तार किया गया।' पूछताछ के दौरान रस्तोगी ने खुलासा किया कि वह साल 2004 से लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा है। वह अपने परिवार के साथ साल 1990 में दिल्ली आया था और एक टेलर की दुकान में अपने पिता की मदद करता था। वह कुछ समय के लिए मयूर विहार में एक टेलर की दुकान में काम भी करता था लेकिन बाद में उसकी हरकतें बदलने लगीं। READ ALSO: जयपुर में लड़की ने प्रेमी के साथ मिलकर रची गैंगरेप की झूठी कहानी
खेत में काम कर रही लड़की को छेड़ने पर गया था जेल
पुलिस पूछताछ में रस्तोगी ने बताया कि साल 2006 में खेत में काम कर रही एक लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था और उसे छह महीने जेल में रहना पड़ा। उसके परिवार को रुद्रपुर से भगा दिया गया और वे बिलासपुर में किराए के मकान में रहने लगे। वह अक्सर वीकेंड में नौकरी की तलाश में दिल्ली आता था। रस्तोगी ने बताया कि वह पहले लड़कियों को पहचानता था और फिर उन्हें किसी चीज का लालच देकर सुनसान जगह पर ले जाकर छेड़छाड़ करता था। अगर लड़की शोर मचाती थी तो वह उसे वहीं छोड़कर शहर से भाग जाता था। वह कई बार लड़कियों को ब्लैकमेल भी करता था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है।












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