'शिवसेना (यूबीटी) नेता मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत द्वारा लाडली बहना योजना को बंद करने के बारे में किए गए दावे निराधार हैं।
यादव का यह जवाब राउत के उन आरोपों के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश में महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को बंद कर दिया गया है और इसे महज एक राजनीतिक चाल बताया गया है।

यादव का यह दावा इस कार्यक्रम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसके तहत महिला लाभार्थियों को हर महीने 1,250 रुपये दिए जाते हैं।
यादव ने राउत के दावों पर अपनी निराशा व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लिया और उनसे मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना की सफलता को प्रत्यक्ष रूप से देखने का आग्रह किया।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि योजना की शुरुआत के बाद से, राज्य भर में 1.29 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में मासिक वित्तीय सहायता लगातार पहुंचाई जा रही है। यादव के अनुसार, यह कदम महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार के समर्पण को दर्शाता है और आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को गुमराह करने के विपक्ष के प्रयासों को खारिज करता है।
यह विवाद महाराष्ट्र में चुनावी जंग के बीच पैदा हुआ है, जहां उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही है।
संजय राउत की टिप्पणियों का उद्देश्य महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार द्वारा शुरू की गई इसी तरह की वित्तीय सहायता योजना की आलोचना करना था। 'मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना' नाम की यह योजना 21 से 65 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह प्रदान करती है।
अगस्त में शुरू की गई यह योजना मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना से प्रेरित है, जिसे शुरू में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू किया था।
यादव की टिप्पणी न केवल राउत की आलोचनाओं का खंडन थी, बल्कि लाडली बहना योजना की प्रभावशीलता का भी दावा थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र में इसी तरह की पहल महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।












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